कश्मीर की पहली महिला एवरेस्ट क्लाइंबर के समिट पर सवाल, नाहिदा बोलीं मेरे खिलाफ झूठा प्रोपेगेंडा

कश्मीर घाटी की पहली महिला पर्वतारोही नाहिदा मंजूर के माउंट एवरेस्ट समिट को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। नेपाल के एक न्यूज पोर्टल द्वारा छापी गई खबर के अनुसार नाहिदा ने माउंट एवरेस्ट समिट पूरा किया ही नहीं। समिट के सर्टिफिकेट के लिए जो फोटो उन्होंने दिखाया वह किसी और का था। उसे एडिट कर पेश किया गया है। हालांकि नाहिदा ने इसे एक फेक प्रोपेगेंडा करार देते हुए कहा कि इसकी जांच की जा रही है और उसे क्लियरेंस मिल जाएगी।

नाहिदा ने अपने फेसबुक पर लिखा- ‘मैं अपने एवरेस्ट समिट के बारे में फैलाए गए झूठे प्रचार पर प्रतिक्रिया देना चाहूंगी। मैं अपने दावों के साथ खड़ी हूं और मेरे पास पेश करने के लिए सभी असली दस्तावेज और सबूत हैं। दूसरा मैं उन लोगों को जानती हूं जो मेरी छवि को खराब करना चाहते हैं। झूठ प्रचार कर रहे हैं और मुझे बदनाम कर रहे हैं। मेरा मानना है कि काफी अपमानजनक और बदनाम करने वाली धमकी है। सब चीजें सुलझने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगी।’

नाहिदा ने फोन पर बताया कि कुछ कश्मीर के ही लोग हैं, जिन्हें मेरा एवरेस्ट समिट करना रास नहीं आया। वे अब झूठा प्रचार कर छवि खराब करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनका फोटो भले ही किसी से मिलता हो, लेकिन जो फोटो उन्होंने पेश किया, वह असली था। अब इसको लेकर जांच चल रही है। उम्मीद है कि ऊपर वाला साथ देगा।

गौरतलब है कि नाहिदा मंजूर माउंट एवरेस्ट समिट पर जाने से पहले से सुर्खियों में थीं। पहले किसी का सपोर्ट न मिलने पर समिट के लिए चंदा करने के लिए और अब इस प्रचार के कारण। बता दें कि नाहिदा ने 8 अप्रैल 2019 को एवरेस्ट का समिट शुरू किया था और 22 मई 2019 को माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली कश्मीर की पहली महिला पर्वतारोही बनी।