जम्मू-कश्मीर: कांग्रेस, पीडीपी और नैशनल कॉन्फ्रेंस के बागी मिलकर बनाएंगे तीसरा मोर्चा, जल्द करेंगे ऐलान

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के हटाए जाने के 6 महीने से अधिक समय बीतने के बाद अब राजनीतिक सुगबुगाहट तेज हो गई है। भले ही पिछले दिनों पंचायत चुनाव स्थगित कर दिए हों, लेकिन नए केंद्र शासित राज्य में राजनीतिक हलचल तेज है। जल्द ही जम्मू-कश्मीर को एक नया क्षेत्रीय दल मिलने जा रहा है जिसमें कांग्रेस, पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और नैशनल कांफ्रेंस (एनसी) से बागी शामिल होंगे।

नए दल में पीडीपी के संस्थापकों में से एक और पूर्व उपमुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग और उनके साथी व पूर्व वित्त मंत्री अतलाफ बुखारी के अलावा तीनों दलों के कई और बागी नेता शामिल होंगे। रविवार को जम्मू-कश्मीर में पूर्व मंत्री और बांदीपोरा से कांग्रेस के पूर्व विधायक उस्मान मजीद ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर बांदीपोरा में रैली की। उस्मान भी इस प्रस्तावित दल का हिस्सा हैं।

ये दिग्गज होंगे शामिल
उस्मान ने बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पीडीपी और नैशनल कॉन्फ्रेंस आने वाले दिनों में नए संगठन का ऐलान करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि यह दल जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा और पंचायत चुनाव को तत्काल रूप से कराने का मांग करेगा।

मजीद ने कहा, ‘मैंने कांग्रेस से आज इस्तीफा दे दिया है और हम कुछ ही दिनों में एक क्षेत्रीय दल के गठन का ऐलान करेंगे। इसमें वरिष्ठ नेता मुजफ्फर बेग और अलताफ बुखारी भी शामिल हैं।’ उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद पहली राजनीतिक रैली आयोजित की जिसमें 500 से 600 समर्थकों शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस बात की ओर इशारा है कि लोग अब कश्मीर में राजनीतिक गति चाहते हैं।

…इसलिए ये नेता हिरासत में
इससे पहले 6 फरवरी को पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और इनकी पार्टी के दूसरे नेताओं को पीसीए के तहत गिरफ्तार किया गया है। पीडीपी और नैशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं को रिहा न करने के पीछे सरकार का तर्क है कि वह घाटी में शांति-व्यवस्था बनाए रखना चाहती है। सरकार को डर है कि अगर इन नेताओं को छोड़ा जाता है जो ये घाटी में बड़े विरोध प्रदर्शन को उकसा सकते हैं जिससे घाटी में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।