मुर्मू ने जम्मू-कश्मीर और माथुर ने लद्दाख की कमान संभाली, यह हैं नए निजाम के नए इंतजाम

जम्मू-कश्मीर राज्य के विभाजन के साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश के रूप में अस्तित्व में आने के बाद नए युग की शुरुआत हो गई।गुरुवार को श्रीनगर के राजभवन में गिरीश चंद्र मुर्मू व आरके माथुर ने लेह के सिंधु संस्कृत सभागार में पहले उपराज्यपाल के रूप में पद व गोपनीयता की शपथ ली।

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने सादे समारोह में दोनों को अलग-अलग शपथ दिलाई। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में लागू राष्ट्रपति शासन हटा लिया। 

श्रीनगर के राजभवन में दोपहर को 59 वर्षीय मुर्मू का नियुक्ति वारंट मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने पढ़ा। भाजपा के लोकसभा सांसद जुगल किशोर और राज्यसभा सांसद और पीडीपी सदस्य नजीर लावे समेत शपथ ग्रहण समारोह में ढाई सौ से अधिक मेहमान शामिल रहे। ओडिशा के मयूरभंज जिले के रहने वाले मुर्मू एमबीए व राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर हैं। 

उन्होंने गुजरात में मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान उनके अतिरिक्त प्रधान अपर सचिव के रूप में काम किया है। 1985 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संभवत: सेवा में रहते हुए लेफ्टिनेंट गवर्नर बनने वाले पहले अधिकारी हैं। 

इससे पहले वीरवार सुबह पूर्व रक्षा सचिव राजेंद्र कुमार माथुर को मुख्य न्यायाधीश ने लेह से सिंधु सांस्कृतिक सभागार में पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। 1977 बैच के पूर्व आईएएस माथुर ने इस अवसर पर कहा कि सीमावर्ती इलाकों में विकास की कई गतिविधियों को अंजाम देने की जरूरत है। 

बताया, त्रिपुरा के मुख्य सचिव और रक्षा सचिव के तौर पर पिछड़े और सीमावर्ती क्षेत्रों में काम करने का उनका अनुभव यहां के लिए उपयोगी होगा। समारोह में लेह और कारगिल पहाड़ी स्वायत्त विकास परिषद, सेना और अर्धसैनिक बलों, धार्मिक नेताओं और अफसरों के साथ आम जनता ने भाग लिया।

नया निजाम, नए इंतजाम

जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में काम करेगी मंत्रिपरिषद
जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश में एक निर्वाचित विधानसभा और पांच वर्षो की अवधि के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद का गठन होगा।

केंद्र शासित लद्दाख को नियंत्रित करेगा गृह मंत्रालय
केद्र शासित प्रदेश लद्दाख को सीधे लेफ्टिनेंट गवर्नर के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नियंत्रित किया जाएगा। दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में एक सामान्य उच्च न्यायालय होगा।

लोक सेवा आयोग काम करता रहेगा
लद्दाख में अधिकारियों की भर्ती संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के दायरे में आएगी। जम्मू-कश्मीर में लोक सेवा आयोग राजपत्रित सेवाओं के लिए भर्ती एजेंसी के रूप में जारी रखेगा।

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार वेतन
दोनों नए केंद्र शासित प्रदेशों के सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार वेतन और अन्य लाभ मिलने शुरू हो जाएंगे।तीन रेडियो स्टेशन के नाम बदले गए
पुनर्गठन के बाद जम्मू, श्रीनगर और लद्दाख स्थित रेडियो स्टेशन के स्थानीय नाम बदल कर ऑल इंडिया रेडियो और आकाशवाणी कर दिए गए हैं। 

अब नौ केंद्र शासित प्रदेश 
पहली बार किसी राज्य को दो संघ शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया है। अब देश में राज्यों की संख्या 28 तथा केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या नौ हो गई है।

यूटी में भी लागू होंगे राज्य के बिजनेस नियम 
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पुर्ववर्ती सरकारी बिजनेस नियम केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भी प्रभावी रहेंगे।

लेफ्टिनेंट गवर्नर गिरीश चंद्र मुर्मू ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन एक्ट 2019 की धारा 55 के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए वीरवार को इस बारे में अधिसूचना जारी की।

अधिसूचना के अनुसार लेन-देन के बिजनेस नियम में केवल यह संशोधन किया गया हैं कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री के स्थान पर केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में लेफ्टिनेंट गवर्नर का जिक्र होगा।