सीआरपीएफ कैंप पर हमले में पांचवीं गिरप्तारी, एनआईए टीम ने इरशाद को पुलवामा से पकड़ा

पुलवामा के लेथपोरा सीआरपीएफ कैंप पर फिदायीन हमले में शामिल पांचवें आरोपी को एनआईए टीम ने रविवार को पुलवामा से गिरफ्तार कर लिया। रत्नीपोरा, त्राल के रहने वाले इरशाद अहमद रेशी को सोमवार को एनआईए कोर्ट में यहां पेश किया जाएगा। कोर्ट में पेश कर पुलिस कस्टडी की अनुमति मांगी जाएगी ताकि उससे आगे की पूछताछ की जा सके।  इरशाद पिछले तीन साल से जैश ए मोहम्मद के साथ जुड़ा हुआ था। इससे पहले हमले में शामिल चार अन्य आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

इरशाद के बारे में बताया जाता है कि हमले के दिन इरशाद ने ही तीनों आतंकियों को सुबह 2 बजे लेथपोरा सीआरपीएफ कैंप के बाहर अपनी कार में छोड़ा था। इसके बाद वहां से फरार हो गया। तब से इसकी तलाश थी। इरशाद की जानकारी निसार अहमद तांत्रे और सईद लिहाल अंद्राबी की ओर से दी गई थी। दोनों को एनआईए गिरफ्तार कर चुकी है।

एनआईए से मिली जानकारी के अनुसार,  इरशाद अहमद आतंकी नूर तांत्रे उर्फ नूर त्राली का काफी नजदीकी रहा है। नूर को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। नूर की मौत का बदला लेने के लिए ही आतंकियों ने लेथपोरा हमले को अंजाम दिया। इससे पहले एनआईए ने लेथपोरा निवासी फयाज अहमद, पांपोर निवासी मंजूर अहमद, त्राल निवासी निसार अहमद तांत्रे और रत्नीपोरा निवासी सईद हिलाल अंद्राबी को दबोचा हुआ है। यह चारों इस हमले में शामिल रहे हैं।

बताते चलें कि 31 दिसंबर 2017 को सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर लेथपोरा पर जैश ए मोहम्मद के तीन आतंकियों ने फिदायीन हमला कर दिया था। इसमें जैश के तीन आतंकी फरदीन अहम खांडे निवासी त्राल, मंजूर बाबा निवासी द्रबगाम और अब्दुल शकूर निवासी पीओके मारे गए थे। हमले में पांच सीआरपीएफ कर्मी भी शहीद हो गए थे जबकि तीन कर्मी घायल हुए थे।