जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री अब नहीं होंगे सरकारी सुविधाओं के हकदार

केंद्र प्रशासित जम्मू कश्मीर प्रदेश में चार पूर्व मुख्यमंत्रियों का अब सरकारी खर्चे पर आवास, टेलीफोन, बिजली, पेट्रोल, वाहन चालक और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलेंगी। केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए इन सुविधाओं को सुनिश्चित बनाने वाले संवैधानिक प्रावधानों को समाप्त कर दिया है। जम्मू कश्मीर में इस समय चार पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और गुलाम नबी आजाद हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर विधानमंडल पेंशन अधिनियम 1984 की धारा तीन की उपधारा तीन को समाप्त कर दिया है। इसी धारा के तहत जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमत्रियों को लिए विभिन्न सुविधाओं और भत्तों को सुनिश्चित बनाया गया था। इस प्रावधान के तहत पूर्व मुख्यमंत्रियोंको सरकारी आवासीय सुविधा, हर साल आवासीय परिसर की साज सज्जा व सुविधाओं के लिए 35 हजार रुपये, हर साल 48 हजार रुपये तक की निशुल्क टेलीफोन सेवा, हर माह 1500 रुपये तक की निशुल्क बिजली, कार, पेट्रोल, स्वास्थ्य सेवाएं व चालक इत्यािदी की सुविधा दी जाती है। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्रियों को एक निजी सहायकत, एक विशेष सहायक और दो चपरासी भी सरकारी खर्च पर उपलब्ध कराने का प्रावधान था।