जम्मू कश्मीर में तैनात ब्लैक कैट कमांडो कर रहे है आतंकियों के खिलाफ ऑपेरशन की तैयारी

जम्मू एंड कश्मीर में एन्टी टेरर ऑपेरशन के लिए तैनात नेशनल सिक्योरिटी गार्ड यानि एनएसजी आतंकियों के ख़िलाफ़ ऑपेरशन के लिए फाइनल तैयारियों में जुटी हुई है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ एनएसजी ने जम्मू कश्मीर प्रशासन की मदद से घाटी के हर अहम बिल्‍ड‍िंग और सरकारी इमारतों के बिल्डिंग प्लान की जानकारी इक्ट्ठी कर रही है, जिससे आतंकियों के तरफ से बंधक बनाने की सूरत में ब्लैक कैट के कमांडो इसके जरिये बेहतर तरीके से एन्टी टेरर आपरेशन को अंजाम दे सकेंगे और बंधकों की जान को सकुशल बचाया जा सके.

बता दें कि 2008 में हुए मुंबई हमले के दौरान आंतकियों के ख़िलाफ़ ऑपेरशन के लिए भेजी गई एनएसजी टीम के पास ताज होटल की बिल्डिंग प्लान की जानकारी पहले से नहीं थी, जिसका फ़ायदा आतंकियों को मिला था. इस कार्रवाई को पूरी तरफ़ अंजाम देने में भी काफ़ी वक़्त लग गया था. ऐसे में अब एनएसजी घाटी में पहले से अपने होमवर्क को करने में लगी है. एनएसजी के एक कमांडो के मुताबिक हम घाटी के हर अहम ठिकानों की जानकारी इक्ट्ठा कर रहे है ताकि जब भी हमें ऑपेरशन के आदेश मिले हम बिना देरी किये तुरंत करवाई कर सके.

एनएसजी की एन्टी टेरर 51 एसएजी की टीम पिछले क़रीब 6 महीने से घाटी में मौजूद है, जिसे अब तक घाटी में किसी भी एन्टी टेरर ऑपेरशन में इस्तेमाल नही किया गया है. 51 एसएजी एनएसजी की एन्टी टेरर की फ़ोर्स है, जिसके करीब 100 कमाण्डो कश्मीर में तैनात किए गए है. ये कमांडो पेनिट्रेशन रडार के साथ साथ घातक हथियारो से लैस है, जिसमे करीब 30 स्नाइपर भी है.

घाटी में ब्लैक कैट को तैनात करने के पीछे गृह मंत्रालय ने ये तर्क दिया था कि एनएसजी होस्टेज सिचुएशन को बेहतर तरीके से डील कर सकती है, हालांकि अब तक आपरेशन में ना इस्तेमाल होने की सूरत में एनएसजी ने गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिख कर ये पूछा था कि उनको कश्मीर में किस मकसद के लिए तैनात किया गया है. गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक़ एनएसजी की टीम को क्रिसमस और नए साल के मौके पर हाई अलर्ट पर रखा गया है. जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकी संघठन पठानकोट जैसा एक और हमले को अंज़ाम दे सकते है.