कश्मीर में दहशतगर्दों के खिलाफ ऑपरेशन तेज, 12 दिन में मारे गए 11 आतंकी

अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षाबलों ने घाटी में दहशतगर्दों के खिलाफ आपरेशन तेज कर दिया है। पिछले 12 दिन में मुठभेड़ में 11 आतंकी मार गिराए गए। इनमें दो पाकिस्तानी आतंकी थे। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा व अंसार गजवा-तुल-हिंद के आतंकियों का सफाया करने में सुरक्षाबलों को सफलता हाथ लगी है। माना जा रहा है कि अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा एजेंसियां अभियान जारी रखेंगी ताकि आतंकियों के नापाक मंसूबे को नाकाम बनाया जा सके।

रविवार को शोपियां में मुठभेड़ में अंसार गजवा-तुल-हिंद के चार स्थानीय आतंकियों को मार गिराया गया। इससे पहले 22 जून को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में जैश कमांडर अबु लुकमान मारा गया। वह 2017 में घुसपैठ कर दाखिल हुआ था। ए कैटगरी का यह पाकिस्तानी आतंकी घुसपैठ करने के बाद दक्षिणी कश्मीर के अवंतीपोरा और त्राल में जैश-ए-मोहम्मद की कमान संभाल रहा था। लुकमान इस साल के शुरुआत में उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सक्रिय हुआ और तीन दिन पहले ही वह बारामुला आया था। यहां से वह पाकिस्तान लौटने की फिराक में था।

18 जून को पुलवामा के लेथपोरा में गत 14 फरवरी को हुए फिदायीन हमले के गुनहगार जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी सज्जाद मकबूल भट उर्फ अफजल गुरु उर्फ हाफिज को साथी के साथ मार गिराया। सज्जाद ने ही पुलवामा हमले के लिए वाहन उपलब्ध कराया था, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। साथ ही 17 जून को शाम छह बजे दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के आरिहाल इलाके में आईईडी ब्लास्ट कर सेना के पेट्रोलिंग वाहन को उड़ाकर पुलवामा दोहराने की कोशिश में भी सज्जाद का ही हाथ बताया जाता है।

17 जून को दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के अच्छाबल इलाके में पाकिस्तानी आतंकी को मारा गया। आपरेशन में मेरठ के मेजर केतन शर्मा शहीद हो गए थे, जबकि एक अन्य मेजर और दो जवान घायल हो गए थे। 14 जून को दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में लश्कर-ए-तैयबा के दो स्थानीय दहशतगर्दों को मार गिराया। मारे गए आतंकियों से हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया था। 12 जून को दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों ने सीआरपीएफ की पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला किया जिसमें एसएचओ और सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए थे। जवाबी कार्रवाई में एक पाकिस्तानी हमलावर आतंकी मारा गया था।