पाकिस्‍तान ने कश्‍मीर सीमा पर सक्रिय किए आतंकी लॉन्‍च पैड, 45 आतंकी घुसपैठ की ताक में

बालाकोट में इंडियन एयर फोर्स के एयर स्‍ट्राइक के बाद भी पाकिस्‍तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्‍तान ने रमजान और गर्मियों में बर्फ के पिघलने को देखते हुए जम्‍मू-कश्‍मीर में अंतरराष्‍ट्रीय सीमा रेखा और नियंत्रण रेखा पर आतंकी लॉन्‍च पैड फिर सक्रिय कर दिए हैं और इसमें छिपे 45 आतंकवादी घुसपैठ की ताक में हैं। बालाकोट एयर स्‍ट्राइक के बाद पाकिस्‍तान ने इन आतंकी लॉन्‍च पैड को बंद कर दिया था।

टाइम्‍स नाउ ने रक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि इस बार कश्‍मीर में घुसपैठ की ताक में बैठे 45 आतंकियों में से ज्‍यादातर जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी हैं। इससे पहले लश्‍कर-ए-तैयबा के ज्‍यादा आतंकी इन लॉन्‍च पैड में रहते थे। उन्‍होंने बताया कि इसकी वजह यह है कि लश्‍कर की तुलना में जैश-ए-मोहम्‍मद एक छोटा संगठन है और घुसपैठ में आसानी होगी। ये आतंकवादी गुरेज समेत सभी सेक्‍टरों में घुसपैठ की ताक में छिपे हुए हैं।

बता दें कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्‍तान के बालाकोट में एयर स्‍ट्राइक करके जैश-ए-मोहम्‍मद के एक आतंकी शिविर को नष्‍ट कर दिया था। एयर फोर्स के मुताबिक इस हमले में जैश के कई आतंकवादी मारे गए थे। सूत्रों के मुताबिक इस बार जैश के ज्‍यादा आतंकी होने की एक वजह बालाकोट का बदला लेना हो सकता है। यही नहीं भारत के प्रयासों पर हाल ही में जैश के सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्‍ट्रीय आतंकी घोषित किया गया है।

‘जैश के 130 से 170 आतंकी ढेर’
बालाकोट में भारतीय सेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक में मारे गए आतंकवादियों की संख्या को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है। इसी बीच एक विदेशी पत्रकार ने दावा किया है कि भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में जैश के 130 से 170 आतंकी ढेर हो गए थे। कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी शिविरों को निशाना बनाया था। पुलवामा हमले में 40 से ज्यादा सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए थे। जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि शिंकारी में पाकिस्तानी सेना का आर्मी बेस है औ यहां जूनियर लीडर अकैडमी भी है। सेना ने घायलों को हरकत-ए-मुजाहिदीन के कैंप में भेजा जहां आर्मी के डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। पत्रकार ने दावा किया कि एयर स्ट्राइक में 130 से 170 आतंकी मारे गए और 20 की इलाज के दौरान मौत हो गई। 45 घायलों का इलाज अब भी HuM के कैंप में चल रहा है।