जम्मू-कश्मीर: पाकिस्तान की करतूत का पर्दाफाश, गिलानी पर अफवाह से तनाव पैदा करने की थी साजिश

अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की बिगड़ती सेहत को लेकर उड़ाई गई अफवाह के चलते कश्मीर में एक बार फिर मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी जिसे गुरुवार शाम को फिर बहाल कर दिया गया। पाकिस्तान के अलगाववादी समूह ने कश्मीर के मदरसा अध्यापकों और छात्रों को कहा कि तहरीक-ए-हुर्रियत के पूर्व चेयरमेन सैयद अली शाह गिलानी की सेहत बिगड़ती जा रही है और वह मौत के नजदीक हैं। इसको लेकर कश्मीरियों से विशेष प्रार्थना करने और श्रीनगर के ईदगाह तक मार्च निकालने को कहा गया। हालांकि बाद में गिलानी के परिवार ने उसे खारिज किया।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस द्वारा दिए बयान से जम्मू-कश्मीर में अफवाहों का बाजार गर्म रहा, वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस डीजीपी दिलबाग सिंह ने इसे पाकिस्तान की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान द्वारा कश्मीरियों को भड़काने की साजिश का हिस्सा था जिसमें उन्होंने गिलानी की हिरासत का जिक्र करते हुए उनकी खराब सेहत और मौत के करीब होने की अफवाह उड़ाई। इस तरह वह कश्मीर में विदेशी राजनयिकों के दौरे के बीच सुरक्षा चिंताएं बढ़ाने की योजना बना रहे थे।

डीजीपी ने आगे कहा, ‘राजनयिकों के दौरे से पहले यह पाकिस्तानियों द्वारा कश्मीर की आबादी को उकसाने और घाटी में उथल-पुथल पैदा की साजिश रची गई थी। हालांकि गिलानी ने परिवार और डॉक्टर ने ही पाकिस्तान के इस प्रयास को असफल कर दिया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने भी अफवाह को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी हालत स्थिर है।’

गिलानी के बेटे नसीम गिलानी ने अपवाहों को खारिज करते हुए कहा, ‘गिलानी साहब अच्छा कर रहे हैं। उन्हें सीने में इंफेक्शन था लेकिन अब वह बेहतर हो रहे हैं।’ बता दें कि गिलानी लंबे समय से बीमार हैं। बुधवार की उनकी सेहत को लेकर अफवाह उड़ने पर प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी और गिलानी के परिवार के स्पष्टीकरण के बाद गुरुवार शाम को इसे बहाल कर दिया गया।