आईएसआई घाटी में रच रहा गैर कश्मीरियों के पलायन की साजिश, 22 दिनों में 12 की हो चुकी है हत्या

आतंकियों के निशाने पर अब गैर कश्मीरी लोग हैं। दूसरे प्रांत के सेब कारोबारियों, ट्रक चालकों, मजदूरों, दुकानदारों, रेहड़ी वालों तथा अन्य व्यवसाय से जुड़े लोगों में दहशत पैदा करने की साजिश के तहत यह हमले किए जा रहे हैं। राज्य का विशेष दर्जा समाप्त होने के बाद बौखलाए पाकिस्तान तथा पाकिस्तानी सेना की खुफिया एजेंसीआईएसआई ने इस प्रकार के हमले के निर्देश दिए हैं ताकि गैर कश्मीरी लोग घाटी छोड़ने को मजबूर हो जाएं। साथ ही गैर कश्मीरी लोग यहां आने से कतराएं। नब्बे के दशक में आतंकवाद से दहशत में आए कश्मीरी पंडितों ने भी ऐसी ही परिस्थितियों में घाटी छोड़ी थी। 

नई साजिश के तहत गैर प्रांत के सेब कारोबारी, ट्रक चालक से लेकर मजदूर तक साफ्ट टारगेट बने हैं। इससे पहले आतंकी आम लोगों पर हमला करने से परहेज करते थे। दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में पश्चिम बंगाल के पांच मजदूरों की हत्या के बाद वहां के श्रमिकों का घाटी से पलायन हो चुका है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हस्तक्षेप पर एक नवंबर को वहां के लगभग 150 मजदूरों को सुरक्षित वापस भेजा गया। 

मारे गए मजदूर पिछले लंबे समय से कश्मीर में काम कर रहे थे। घाटी के विभिन्न इलाकों में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के मजदूर काम करते हैं। इसके साथ ही रेहड़ी-फड़ी लगाकर जीविका कमाने वाले भी अच्छी तादाद में हैं। इन मजदूरों के बल पर घाटी में भवनों का निर्माण, ईंट भट्ठे, विभिन्न प्रकार के ठेके से जुड़े कार्य होते हैं। ये मजदूर उत्तरी, दक्षिणी तथा मध्य कश्मीर सभी जगह काम कर रहे हैं। 

गैर प्रांत के लोगों पर सुरक्षा बलों की पैनी नजर
सुरक्षा बलों का कहना है कि गैर प्रांत के लोगों पर बारीक नजर रखी जा रही है। विभिन्न जिलों में काम करने वाले बाहरी राज्यों के मजदूरों की गिनती कराई जा रही है। साथ ही उनकी बस्तियों तथा रिहायशी इलाकों की सुरक्षा पुख्ता करने के प्रबंध किए जा रहे हैं।