जम्मू कश्मीर: भारी बर्फबारी से बिजली विभाग को 100 करोड़ का नुकसान

भीषण बर्फबारी से घाटी के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को करीब 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. बर्फबारी में 690 ट्रांसफार्मर, 6000 से अधिक बिजली के खंभे, कई टावर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. 7 नवंबर को कश्मीर में सामान्य जीवन को अस्त व्यस्त करने वाली बेमौसम बर्फबारी से कश्मीर के बिजली के बुनियादी ढांचे में 100 करोड़ रुपये के करीब का नुकसान हुआ है. एक शुरुवाती रिपोर्ट के मुताबिक 700 ट्रांसफार्मर और 6000 से अधिक बिजली के खंभों में नुकसान हुआ है.

कश्मीर में दिन भर की भारी बर्फबारी ने कश्मीर के बिजली के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है. अधिकारियो के मुताबिक रिहायशी इलाकों में बिजली की देने वाले कम से कम 690 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. एक अधिकारी ने कहा कि कश्मीर में ट्रांसफार्मर की कुल संख्या 29000 है. इसी तरह बर्फबारी के कारण 6000 बिजली खम्बे क्षतिग्रस्त हो गए. इन सब की मरमत के लिए करोड़ों रुपए का खर्चा किया गया ताकि लोगों को जल्द से जल्द बिजली.

पावर डेवेलपमेंट विभाग के चीफ इंजिनियर हशमत क़ाज़ी ने कहा, ‘बहुत नुकसान हुआ है. बड़े बड़े चिनार के दरखत तारों पर गिरे गए हैं. श्रीनगर सहित दक्षिण और मध्य कश्मीर में बिजली लगभग बहाल कर दी गई है. हमारी ओवर हेड वायर सिस्टम हैं और अगर एक ही दिन में 1 फ़ीट बर्फ हो तो हमारे लिए मुसीबत होती हैं.’

विभाग के अनुसार अब तक घाटी में 80% बिजली सप्लाई को रिस्टोर किया गया हैं, मगर जब भी उतर और दक्षिण कश्मीर में कई क्षेत्र हैं जहां बिजली से लोग वंचित हैं. कुपवाड़ा के दुदीपोर इलाके में 33kv लाइन को काफी नुकसान पहुंचा है, जिसे ठीक करने में एक दो दिन लगेंगे. वहीं मागम और बांदीपोरा इलाकों में भी अभी बिजली रिस्टोर नहीं हो पाई है. उसपर जिन इलाकों में बिजली रिस्टोर हुई है, वहां भी बिजली कटौती बहुत ज्यादा हो रहे हैं, क्योंकि इन इलाकों में जो रिपेयर हुआ था उसे पुख्ता करने के दौरान बजली काट दी जाती हैं.

वहीं मौसम विभाग ने कल से 14 नवंबर से 16 नवंबर तक फिर से घाटी और लदाख में हिमपात और बारिश की भविष्वाणी की हैं. ऐसे में बिजली इंफ़्रास्ट्रकचार जो अभी अधूरे तौर पर रिपेयर हुए हैं फिर से क्षतिग्रस्त हो सकती हैं. इसलिए आने वाले समय विभाग कर्मचारियों के लिए चिनौती भरा है.

चीफ इंजिनियर हशमत काज़ी कहते हैं, ‘इस बार हम सतर्क हैं सब कुछ तैयार है. मेन एंड मशीनरी अप हैं, लोगों को चाहिए हम पर भरोसा करें हम जितना कर सकते हैं हम उसे ज्यादा करते हैं ताकि लोगों को मुश्किल ना हो हम लोग सतर्क हैं.’