कश्मीर में कोविड-19 रेड जोन इलाकों में गर्भवती महिलाओं के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तय

घाटी में कोरोना वायरस खतरे से निपटने के लिए बुधवार को भी पाबंदियां जारी रहने के बीच कश्मीर में कोविड-19 के रेड जोन इलाकों में गर्भवती महिलाओं के लिए अधिकारियों ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाई है।अधिकारियों ने बताया कि प्रक्रिया के अनुसार कोरोना वायरस से अत्यधिक प्रभावित रेड जोन में गर्भवती महिलाओं की सूची बनाई जाएगी और रेड तथा बफर जोन में हाल ही में बनाए स्वास्थ्य केंद्रों में उनकी जांच की व्यवस्था की जाएगी।उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार संबंधित मंडल चिकित्सा अधिकारियों की देखेरख में एएनएम और आशा कर्मी उचित जन्म योजना लागू करेंगे।उन्होंने बताया कि रेड तथा बफर जोन में गर्भवती महिलाओं को आशा कर्मियों और उनके कैडर द्वारा हाल ही में स्थापित स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव पूर्व जांच में शामिल होने की सलाह दी जाती है।अधिकारियों ने बताया कि एसओपी के अनुसार कोरोना वायरस के बिना लक्षण वाली गर्भवती महिलाओं की उनकी प्रसव की अनुमानित तारीख से एक हफ्ते पहले रैपिड एंटीबॉडी जांच का इस्तेमाल कर जांच की जाएगी।उन्होंने बताया कि उनके जांच के नतीजों के आधार पर उन्हें कोविड-19 के लिए निर्धारित अस्पताल या गैर कोविड-19 अस्पताल ले जाया जाएगा जहां उनका प्रसव कराया जाएगा।इस बीच कश्मीर में लोगों की आवाजाही तथा उनके एकत्रित होने पर पाबंदियां बुधवार को 35वें दिन भी जारी रही।अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने घाटी के ज्यादातर स्थानों में मुख्य सड़कों को सील कर दिया है और लोगों की अवांछित आवाजाही की जांच करने तथा लॉकडाउन लागू करने के लिए कई अन्य स्थानों पर अवरोधक लगाए।घाटी में रेड जोन वाले इलाकों को सील कर दिया गया है।अधिकारियों ने बताया कि पूरी घाटी में बाजारों को बंद कर दिया गया और सड़कों से सार्वजनिक वाहन नदारद हैं तथा केवल दवा और किराने की दुकानों को खुलने की अनुमति है।पूरे कश्मीर में शैक्षणिक संस्थान बंद हैं जबकि जिमखानों, पार्कों, क्लबों तथा रेस्तरां समेत सभी सार्वजनिक स्थल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित किए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से एक हफ्ते से अधिक समय पहले से ही बंद हैं।अधिकारियों ने बताया कि जम्मू कश्मीर में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 380 हो गई है। पांच मरीजों की मौत हो गई और 81 मरीज इस बीमारी से उबर चुके हैं।उन्होंने बताया, ‘‘अभी तक 62,493 यात्रियों और संदिग्ध लोगों के संपर्क में रहे व्यक्तियों को निगरानी में रखा गया है जिनमें 6,032 लोगों को घर में पृथक वास में रखा गया है, 248 को अस्पताल में पृथक रखा गया है, 294 अस्पताल में पृथक वार्ड में हैं, 17,421 लोग घर में निगरानी में हैं। इसके अलावा 38,493 लोग अपनी निगरानी अवधि पूरी कर चुके हैं।’’