सुरक्षाबलों ने तोड़ी हिज्ब की कमर, इस साल आतंकी संगठन के 22 आतंकवादियों को किया ढेर

जम्मू कश्मीर में आतंकी संगठन हिज्ब को इस साल सबसे ज्यादा झटका लगा है. आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि अब तक मारे गए कुल 69 आतंकवादियों में से, हिज्बुल के 22 आतंकी हैं जिनमें कुछ कमांडर भी शामिल हैं. संगठन ने अपने प्रमुख कमांडर रियाज नायकू को भी खो दिया है.

अप्रैल का महीना कश्मीर में आतंकवादियों के लिए बेहद घातक रहा है, लेकिन हिज्ब को सबसे ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ा. जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा संकलित किए गए डेटा के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों, पुलिस, सेना द्वारा शुरू किए गए आतंक-विरोधी अभियानों में कश्मीर में जनवरी 2020 से कुल 69 आतंकवादी मारे गए जो विभिन संगठनों से जुड़े थे. 69 आतंकवादियों में से 20 अज्ञात थे. माना जाता है कि विभिन मुठभेड़ों में मारे गए यह 20 विदेशी आतंकवादियों थे, जो पिछले साल की शुरुआत में नियंत्रण रेखा के इस तरफ घुसने में कामयाब रहे थे.

कुल 69 आतंकवादियों में 18 जम्मू के क्षेत्र में मरे गए जबकि 47 आतंकवादी कश्मीर में मारे गए. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, “हिज्बुल मुजाहिदीन के सभी 20 स्थानीय आतंकी थे जो मारे गए. लश्कर के 6 आतंकी मारे गए तो जैश के 11 आतंकी ढेर हुए. अंसार गज़्वात के तीन तो इस्लामिक स्टेट के तीन मारे गए. उनमें से स्थानीय और तीन विदेशी. आंकड़े बताते हैं कि इस साल जनवरी से अब तक अंसार गजवातुल हिंद (एजीएच) के तीन आतंकवादी और इस्लामिक स्टेट ऑफ जेएंडके के तीन आतंकी मारे गए हैं.”

हिज्ब ने अपने मुख्य परिचालन कमांडर रियाज नायकू को खो दिया, जो पिछले आठ वर्षों से सक्रिय था. उसके साथ उसका सहयोगी भी मारा गया. पुलिस ने नायकू की मौत को सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता करार दिया और दावा किया कि उसकी मौत से कश्मीर में आतंकवाद की कमर टूट गई है.

पुलिस के रिकॉर्ड से पता चलता है कि इस साल 20 अज्ञात आतंकवादी भी ढेर हुए हैं जिनमें उत्तरी कुपवाड़ा जिले में मुठभेड़ में पांच मारे गए, जिसमें सेना के एक विशेष अधिकारी (जेसीओ) सहित पांच सैनिक भी शहीद हुए थे. आंकड़े बताते हैं कि जनवरी के महीने में 18 आतंकवादी मारे गए, फरवरी में 7 और मार्च में 7, अप्रैल में 28 और मई में अब तक 5 आतंकवादी मारे गए. आंकड़े बताते हैं कि कश्मीर के दक्षिणी जिलों में अधिकांश आतंकवादी मारे गए.