जम्मू-कश्मीर: प्रेमिकाओं के प्रेम में मारे जा रहे आतंकी, इश्क बना आतंकियों का सबसे बड़ा दुश्मन

कहते है इश्क ने निकम्मा कर दिया वरना हम आदमी थे काम के. ये बात कश्मीर में आतंकियों पर सटीक बैठती है. एक एक कर जितने भी आतंकी मारे जा रहे हैं उनके पीछे उनकी प्रेमिकाओं की बेवफाई की बात सामने आ रही है. ताजा मामला कश्मीर में सबसे मोस्ट वांटेड आतंकी जाकिर मूसा (Zakir Musa) की मौत का है. उसकी मौत के लिए उसकी प्रेमिका को ही जिम्मेदार माना जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि वो एनकाउंटर वाले दिन अपनी दूसरी प्रेमिका से मिलने आया था और यही बात उसकी पहली प्रेमिका को नागवार गुजरी. उसने सुरक्षाबलों को मुखबिरी कर दी और मूसा मारा गया. कश्मीर में जारी आतंकवाद के इतिहास में यह कोई पहला मामला नहीं है जिसमें आतंकी कमांडरों की मौत की वजह युवतियां बनी हों. कई आतंकी कमांडर या तो अपनी प्रमिकाओं से मिलने की चाहत के कारण मारे गए या फिर कईयों को उनकी प्रेमिकाओं की बेवफाई के कारण जान से हाथ धोना पड़ा.

ऐसे ही हिजबुल के पोस्टर बॉय बुरहान बानी के कई लड़कियों के संबंध थे. इससे उसकी गर्लफ्रेंड नाराज हो गई. बदला लेने को चाहत में उसने बुरहान की लोकेशन की जानकारी सुरक्षा एजेंसी को दे दी और फिर बुरहान भी ढ़ेर हो गया. लश्कर के सैफुल्लाह  ,समीर टाइगर और सलमान बट्ट को भी इश्क में ही मौत नसीब हुई.एक और कहानी पाक आतंकी काजी मोहम्मद का भी है. बारामूला में उसे तब मार गिराया गया जब वो प्रेमिका से मिलने सीमा पार से आया था.वैसे सीमा पार बैठे आतंक के आकाओं ने उन्हें हमेशा स्थानीय युवतियों के इश्क में नहीं पड़ने की सलाह दी. इस्लाम का वास्ता भी दिया पर प्यार में डूबे आतंकी कहां मानने वाले. इश्क में कुर्बान होते रहे.

इश्क में कुर्बान होते रहना और इश्क में फना हो गए, मोहब्बत का आखिरी मंसूबा यही है और इसका अल्हामी पैगाम भी.