जम्मू-कश्मीर के तीन फोटो पत्रकारों को मिला 2020 पुलित्जर पुरस्कार

जम्मू-कश्मीर के तीन फोटो पत्रकारों को पिछले साल अगस्त में धारा 370 के अधिकतर प्रावधान हटाए जाने के बाद क्षेत्र में जारी बंद के दौरान सराहनीय काम करने के लिए 2020 पुलित्जर पुरस्कार में फीचर फोटोग्राफी की श्रेणी में सम्मानित किया गया है।
एसोसिएट प्रेस (एपी) के तीन फोटो पत्रकार मुख्तार खान, यासीन डार और चन्नी आनंद कल रात पुलित्जर पुरस्कार हासलि करने वाले लोगों की सूची में शुमार हैं। आनंद जम्मू में रहते हैं जबिक यासिन और मुख्तार श्रीनगर के निवासी हैं। चन्नू आनंद पिछले 20 सालों से एपी के साथ काम कर रहे हैं। देर रात इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों की घोषणा हुई। इन तीनों ने घाटी के सामान्य जनजीवन के साथ ही प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों की तस्वीरों को भी दुनिया तक पहुंचाया।
पुरस्कार जीतने पर आनंद ने कहा, ‘मैं आश्चर्यचकित हूं। मुझे तो विश्वास ही नहीं हो रहा है।’ पिछले साल पांच अगस्त को भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया था।  वरिष्ठ पत्रकार युसूफ जमील ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सहित पूरे देश के पत्रकारों के लिए यह गर्व की बात है।नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘जम्मू-कश्मीर में पत्रकारों के लिए यह साल मुश्किल रहा और पिछले 30 साल को देखते हुए यह कह पाना आसान नहीं है। यासिन डार, मुख्तार खान और चन्नी आनंद को प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए शुभकामनाएं।’

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने भी फोटो पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा , ‘ अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान को गैरकानूनी तरीके से हटाए जाने के बाद कश्मीर में उत्पन्न हुए मानवीय संकट को तस्वीरों में उतारने के लिए यासिन डार, मुख्तार खान को बधाई। कमाल है कि हमारे पत्रकारों को विदेश में सम्मान मिल रहा है जबकि अपने ही घर में निर्दयी कानून के तहत उन्हें दंडित किया जाता है।’ उन्होंने यह ट्वीट अपनी मां महबूबा के अकाउंट से किया।