कश्मीर में दो नेताओं को मिली नजरबंदी से रिहाई, पीडीपी से रहे हैं विधायक

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने और राज्य के पुनर्गठन के बाद से ऐहतियात के तौर पर नजरबंद किए गए नेताओं को रिहा करने का काम शुरू हो गया है। सोमवार को प्रशासन ने दो नेताओं को नजरबंदी से रिहा करने की घोषणा की। इसके अलावा दो अन्य को विधायक हॉस्टल से उनके घर स्थानांतरित किया जाएगा। रिहा किए गए ये लोग पूर्व विधायक हैं और अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाए जाने संबंधी केंद्र के फैसले के दिन 5 अगस्त से इन लोगों को अपने-अपने आवासों पर नजरबंद किया गया था।

दोनों नेताओं की रिहाई के बाद अब पीडीपी की चीफ महबूबा मुफ्ती और नैशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक और उमर अब्दुल्ला की रिहाई की भी उम्मीद जताई जा रही है। आपको बता दें कि हाल ही में होम मिनिस्टर अमित शाह ने कहा था कि धीरे-धीरे नजरबंद नेताओं को रिहा किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि पीडीपी से दिलावर मीर और गुलाम हसन मीर 5 अगस्त से नजरबंद थे और 110 दिनों से अधिक की नजरबंदी के बाद नए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने उन्हें रिहा कर दिया। रिहा किए गए ये लोग पूर्व विधायक हैं और अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाए जाने संबंधी केंद्र के फैसले के दिन 5 अगस्त से इन लोगों को अपने-अपने आवासों पर नजरबंद किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि पूर्ववर्ती राज्य जम्मू कश्मीर की विधानसभा में विधायक रहे अशरफ मीर और हाकीन यासीन को उनके घर स्थानांतरित किया जाएगा लेकिन वे नजरबंदी में रहेंगे। मीर और यासीन दोनों उन 34 राजनीतिक नेताओं में शामिल थे, जिन्हें श्रीनगर के सेंटूर होटल से स्थानांतरित किए जाने के बाद विधायक हॉस्टल में रखा गया था।