जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में असामान्य देरी संघवाद को तबाह करने जैसा है : नेशनल कांफ्रेंस

 नेशनल कांफ्रेंस ने जम्मू- कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने के प्रश्न पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर शनिवार को निराशा प्रकट की और कहा कि राज्य में चुनाव कराने में ‘असामान्य देरी’ देश में संघवाद को तबाह करने जैसा है। पार्टी ने कहा कि लोग स्थिर सरकार के लिए तरस रहे हैं जो राज्य की पहचान एवं क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा कर सके। नेशनल कांफ्रेंस के महासचिव अली मुहम्मद सागर ने राफियाबाद और बारामूला में कार्यकर्ताओं की बैठकों में कहा, ‘‘भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार केंद्र से राज्य में शासन करने पर तुली है। यह कदम देश में संघवाद के ढांचे के लिए विनाशकारी साबित होगा। चुनाव कराने में असामान्य देरी देश में संघवाद को तबाह करने जैसा है।’’ उन्होंने कहा कि एकतरफ तो गृह मंत्री राज्य में शहरी स्थानीय निकायों और पंचायतों के एवं संसद के शांतिपूर्ण चुनाव की बड़ाई करने में कोई कंजूसी नहीं करते हैं वहीं दूसरी तरफ वह राज्य को प्रतिनिधित्व आधारित सरकार देने से वंचित कर रहे हैं। इस मौके पर नेशनल कांफ्रेंस के प्रांतीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी ने कहा, ‘‘यदि अनुच्छेद 370 अस्थायी है तो उसकी बुनियाद पर खड़ा प्रासाद भी अस्थायी है। पहचान को नष्ट करने पर केंद्रित इस प्रकार के घटिया बयानों से युवाओं में और मोहभंग पैदा होगा। समय की मांग है कि अनुच्छेद 370 और 35 ए को मजबूत किया जाए।’’ शाह ने शुक्रवार को कहा था कि अनुच्छेद 370 अस्थायी है न कि स्थायी।