बांदीपोरा रेपः कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन, 47 सुरक्षाकर्मी घायल, स्कूल प्रिंसिपल भी अरेस्ट

जम्मू-कश्मीर में बांदीपोरा जिले के सुंबल इलाके में 3 साल की बच्ची के साथ रेप के बाद घाटी में तनाव बढ़ता जा रहा है। विरोध प्रदर्शन, धरना और झड़प का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। बताया जा रहा है कि आरोपी स्कूल में बच्ची को टॉफी के बहाने टॉइलट में ले गया और वहां उसके साथ रेप किया। इस मामले में स्कूल प्रिंसिपल ने आरोपी की उम्र भी गलत बताई जिसके चलते उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

टॉफी के बहाने ले गया था टॉइलट में
बताया जा रहा है कि बच्ची जहां रहती है वहीं के एक स्थानीय युवक ने उसे टॉफी खिलाने की बात कही। वह उसे टॉफी दिलाने के बहाने एक स्कूल के अंदर ले गया और वहां के टॉइलट में बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया।

आरोपी और स्कूल प्रिंसिपल गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी युवक को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। पुलिस ने आरोपी की उम्र के बारे में गलत जानकारी देने के लिए स्कूल के प्रिंसिपल को भी गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे आपराधिक कृत्य को एक सांप्रदायिक रंग न दें।

शिक्षण संस्थान बंद
लगातार प्रदर्शन और हिंसा बढ़ते देख अधिकारियों ने यहां के अधिकांश शिक्षण संस्थान बंद करवा दिए। शिक्षण संस्थानों में बंदी के बावजूद बारामुला, बांदीपोरा, कुपवाड़ा, श्रीनगर, गांदरबल और अनंतनाग के कुछ हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि दोषी को मौत की सजा दी जाए। लोग हाथों में बलात्कारी को फांसी दो की तख्तियां लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं लड़कियों में डर पैदा करती हैं।


सुरक्षाकर्मियों पर पथराव, 47 घायल

जम्मू-कश्मीर इत्तेहादुल मुस्लिमीन के सदस्य मौलाना मसरूर अब्बास अंसारी (हुर्रियत नेता अब्बास अंसारी के बेटे) की अगुआई में भी प्रदर्शन हुए। श्रीनगर के अधिकांश हिस्सों में बंद देखा गया। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शनों में कई अन्य लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने कहा कि झड़पों के दौरान 47 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके गए जिसके कारण वे घायल हुए। ये घटनाएं मिरगुंड, चैनाबल, हरनाथ, सिंघपोरा, झील ब्रिज, कृपालपुरा पयीन और हांजीवेरा इलाकों में हुईं।