9000 फीट पर कोरोना के प्रति जागरुकता, करगिल के गांव में बिना हाथ धोए लोगों की एंट्री बैन

8700 फीट की ऊंचाई, ठंड की स्थितियां और बीमारी का डर….इन स्थितियों के बीच करगिल के एक गांव में कोरोना को लेकर खास जागरूकता देखने को मिल रही है। करगिल के गांव लत्तू में ग्रामीणों ने स्वच्छता की अनोखी मुहिम की शुरुआत की है। प्रयासों के तहत इस गांव के बाहर एक पानी की टंकी लगा दी गई है, जिससे हाथ धोए बिना किसी भी शख्स को गांव के अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।

8700 फीट की ऊंचाई पर लत्तू गांव

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जिस गांव में यह मुहिम शुरू हुई है, उसकी ऊंचाई समुद्र तल के करीब 8700 फीट है। गांव के बाहरी इलाकों में बर्फबारी होती रहती है और कई बार रात को तापमान 5 डिग्री से भी कम हो जाता है। पर इन सब स्थितियों में भी गांव के लोग कोरोना से लड़ने की हर संभव कोशिश में जुटे हैं। करगिल के इस इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को देखते हुए गांव वालों का प्रयास काफी महत्वपूर्ण भी हो जाता है।

लगाई गई है पानी की टंकी

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करगिल में कोरोना से संक्रमण के शक में 140 से अधिक लोग क्वॉरंटाइन में हैं। इसके अलावा जिले में 2 मरीजों के पॉजिटिव होने का पता चला है। इसे देखते हुए लत्तू गांव के लोगों ने अब एक कमिटी का गठन किया है। गांव के लोगों की इस कमिटी ने ही गांव के बाहर पानी की टंकी को लगाया है, जिसपर हिदायती लहजे में लिखा है कि किसी भी व्यक्ति को गांव में बिना हाथ धोए एंट्री की इजाजत नहीं है। इसके लिए टंकी के पास साबुन और सैनेटाइजर का भी प्रबंध किया गया है।

सोशल मीडिया पर सराहना

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कोरोना के मामलों पर रोकथाम के लिए गांव में चलाई गई इस मुहिम की चर्चा तमाम हिस्सों में है। खास बात ये कि गांव के तमाम लोग इस प्रयास में ना सिर्फ एक साथ खड़े हैं, बल्कि नौजवान लोग गांव में मौजूद तमाम बुजुर्गों और बच्चों की सेहत का खास ध्यान भी रख रहे हैं। गांव के लोगों की इस मुहिम की चर्चा खुद कारगिल के उपायुक्त बशीर उल हक चौधरी ने ट्विटर पर की है।