सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे सियाचिन, युद्ध स्मारक पर दी श्रद्धांजलि

थल सेना के प्रमुख के रूप में पदभार संभालने के बाद पहली बार मनोज मुकुंद नरवणे (Army Chief Manoj Mukund Naravane) सियाचिन गए हैं. वो सियाचिन (Siachen) के दो दिवसीय दौरे पर हैं. जहां उन्होंने जवानों से मुलाकात कर युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने बताया कि वो हमेशा से वहां जाना चाहते थे, ये पहला मौका था जब वो यहां पहुंचे. नरवणे ने जवानों के साथ नाश्ता भी किया और उन्हें नए साल की शुभकामनाएं दीं. नरवणे भारत के 28वें सेना प्रमुख हैं, उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख बिपिन रावत की जगह ली है.

मनोज मुकुंद नरवणे ने सेना का मनोबल बढ़ाते हुए कहा, ‘हम जानते हैं कि यहां काम करने वाला हर व्यक्ति बहुत संघर्ष कर रहा है. इस दुर्गम इलाके में मौसम बहुत खराब है यह बहुत ही कठिन स्थिति है. हम सैनिकों को जिन भी चीजों की आवश्यकता उसे सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं. सैनिकों को कपड़े और बेहतर राशन सहित जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाए.
उन्होंने कहा, ‘मैं जवानों को नए साल के लिए अपनी शुभकामनाएं देना चाहता हूं. मेरा हमेशा से यहां आने का इरादा रहा है, लेकिन जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम बहुत अच्छा नहीं था. मुझे खुशी है कि सेना प्रमुख के रूप में यह मेरी पहली यात्रा है.’
सेनाध्यक्ष, जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने सियाचिन युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने जवानों के साथ नाश्ता भी किया और सुरक्षा मामलों पर बात भी की. आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के इरादों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के हमारे पास सभी साधन मौजूद हैं. जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाए गए, वो 31 दिसंबर को रिटायर्ड हुए थे.