केंद्र शासित प्रदेश बने लद्दाख का हिमाचल से भूमि विवाद सुलझने के आसार

केंद्र शासित प्रदेश बने लद्दाख का हिमाचल से सीमा विवाद सुलझने की आस जगी है। लेह से सटे सरचू और कारगिल से लगते शिंकुला दर्रे में दोनों प्रदेशों के बीच अमूमन तनातनी रहती है। हिमाचल जम्मू-कश्मीर पर भूमि अतिक्रमण का आरोप लगाता रहा है जबकि जम्मू-कश्मीर की ओर से हिमाचल को अतिक्रमणकारी बताया जाता रहा है।केंद्र शासित प्रदेश बनते ही लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल (लेह और कारगिल) ने लेफ्टिनेंट गवर्नर के माध्यम से केंद्र के समक्ष मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है।

दरअसल, पूर्ववर्ती लद्दाख में लेह और कारगिल जिलों की प्रशासनिक इकाईयां हैं। लेह के साथ हिमाचल का सरचू दर्रा लगता है जबकि कारगिल जिले के साथ शिंकुला। दोनों ही दर्रों में हिमाचल और लद्दाख के कारोबारियों में जमीन के कब्जे को लेकर अमूमन तनातनी रहती है। कई बार तो हिंसक घटनाएं भी हो चुकी हैं। 

लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल (कारगिल) के चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसलर फिरोज खान का कहना है कि सर्वे आफ इंडिया के तहत शिंकुला दर्रे पर हिमाचल लद्दाख के पांच से छह किलोमीटर भीतर तक का इलाका कब्जा चुका है। इसी तरह से लेह से लगते सरचू में भी भूमि विवाद है।

इसे सुलझाने के लिए लद्दाख के एलजी को लिखित में मांग रखी गई है। लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल (लेह) के चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसलर ग्याल पी वांग्याल के अनुसार इस मुद्दे पर सक्रियता से काम हो रहा है। दशकों पुराना विवाद सुलझ सकता है।