गांव-गांव में हिजबुल ने चिपकाए धमकी भरे पोस्टर, लिखा- वोट दिया तो मारे जाओगे

जम्मू-कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिले में लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण से चार दिन पहले, हिजबुल मुजाहिद्दीन के पोस्टर कई गांवों में दिखाई दिए हैं। जिसमें ‘वोट डालने वालों को मारने’ की धमकी दी गई है। 6 मई को होने वाले मतदान में भाग न लेने के लिए कई गांवों में लोगों को दीवारों और बिजली के पोल पर धमकी भरे पोस्टर चिपके मिले। जिसमें लिखा है कि हमें जानकारी है कि सेना आपको वोट डालने के लिए मजबूर कर सकती है। लेकिन हर एक को यह समझना चाहिए कि उन्हें चुनाव करवाने की जरूरत नहीं है। अगर शोपियां में कोई मतदान के दिन वोट डालने जाएगा तो उसे मार दिया जाएगा।

हिजबुल मुजाहिद्दीन द्वारा लगाए गए असत्यापित पोस्टर में माता-पिता से अपने बच्चों को आर्मी गुडविल स्कूल में नहीं भेजने के लिए भी कहा है। ऐसे ही धमकी भरे पोस्टर पुलवामा में भी चिपकाए गए थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्हें कुछ खास गांवों से भी ऐसी ही धमकी देने वाले पोस्टरों के बारे में जानकारी मिली है और वे इस पर निगरानी रख रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि आप इन मामलों में यह नहीं कह सकते हैं कि ये वास्तविक हैं या नहीं। फिर भी मामले पर पूरी सतर्कता रखी जाएगी। साथ में यह भी पता चला है कि जिन स्थानों पर पोस्टर लगे थे, उनका पता नहीं चल सका है।

आतंकियों ने उनको भी जान से मारने की धमकी दी है, जो सेना और पुलिस के लिए मुखबरी का काम कर रहे है। आतंकवादियों ने यह भी कहा कि हमारे कमांडर रियाज नाइकू ने आप सभी से भारतीय दलों को छोड़ने के लिए कहा था, लेकिन कुछ लोग सुनते नहीं हैं। पोस्टर में यह भी लिखा है कि अब समय समाप्त हो गया है, हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे और उनके वीडियो सार्वजनिक करेंगे।

शोपियां और पुलवामा में 6 मई को पहली बार मतदान होगा। चुनाव आयोग ने पहली बार अनंतनाग संसदीय क्षेत्र के चुनाव को तीन चरणों में विभाजित किया है। केन्द्रीय चुनाव आयोग ने बताया कि अनंतनाग और कुलगाम जिले में मतदान हो चुके हैं। जम्मू-कश्मीर चुनाव के अंतिम चरण में पुलवामा और शोपियां जिले में मतदान होगा। चुनाव आयोग ने बताया कि एक सीट के लिए चुनाव की तिथियों को विभाजित करने का निर्णय सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखकर लिया गया है।