वाजपेयी के कामों को मोदी ध्वस्त करना चाहते, रास्ते रोके गए तो नतीजे होंगे गंभीर : महबूबा

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भारत-पाकिस्तान के बीच क्रॉस एलओसी ट्रेड के निलंबन को करारा झटका बताते हुए कहा कि लगता है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की ओर से किए गए कामों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ध्वस्त करना चाहते हैं। पाकिस्तान या जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ बातचीत, रास्ते खोलने या कारोबार की बहाली जैसे वाजपेयी के विश्वास बहाली के कदम (सीबीएम) को आज की एनडीए सरकार दरकिनार करना चाहती है। चेताया कि ट्रेड को बंद किए जाने के नतीजे गंभीर होंगे।

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी जब कश्मीर आए थे तो उन्होंने यहां से पाकिस्तान से दोस्ती का हाथ बढ़ाया था। कहा था कि इंसानियत के दायरे में कश्मीर समस्या का हल किया जाएगा। अब ट्रेड बंद कर लगता है आगे जाने के बजाय हम पीछे जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर मसले का हल यह है कि जितने भी रास्ते हैं, सब खोले जाने चाहिए। जब वे मुख्यमंत्री थीं तब भी कारोबार बंद करने की कोशिश की गई थी। लेकिन उनके विरोध के कारण तब यह संभव नहीं हो सका था।

कहा कि वे केंद्र सरकार को बताना चाहती हैं कि जम्मू कश्मीर की समस्या काफी गंभीर हैं। बहुत मुश्किल है जिसका एक नजारा पुलवामा के दुर्भाग्यपूर्ण हमले के रूप में सामने आ चुका है। चेताया कि जम्मू-कश्मीर के रास्ते रोकेंगे तो उसके नतीजे गलत होंगे। जितने भी पुराने रास्ते हैं चाहे वह कारगिल-स्कूर्द, जम्मू-सियालकोट, मुजफ्फराबाद हों जो मध्य एशिया से कश्मीर को जोड़ते थे उन्हें खोलने होंगे। यहीं से कश्मीर मसले का रास्ता निकलेगा। उन्होंने कहा कि ट्रेड बंद कर पूरे मुल्क में जम्मू-कश्मीर को चुनाव में झोंका जा रहा है। यह दिखाया जा रहा है कि सख्त नीति अपनाई जा रही है। इसके परिणाम गंभीर होंगे। यह सब मतों के ध्रुवीकरण के लिए किया जा रहा है।

देश के लिए सबसे बुरे दिन
भोपाल से भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के पूर्व एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे को लेकर दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पीडीपी प्रमुख ने कहा कि यह देश के लिए सबसे बुरे दिन हैं। आप हेमंत करकरे जैसे शहीद के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने वालों को उम्मीदवार बना रहे हैं। भाजपा ठाकुर जैसी उम्मीदवार को खड़ा करके देश की जनता को क्या संदेश देना चाहती है। ज्ञात हो कि ठाकुर ने शुक्रवार को कहा था कि करकरे ने उन्हें बुरी तरह प्रताड़ित किया था इसलिए उनके दिए श्राप की वजह से वह 26/11 के आतंकी हमलों के दौरान मारे गए थे।