पुलवामा एनकाउंटर में बेटे की मौत पर बोले पिता- सुरक्षाकर्मियों ने बनाया ‘मानव ढाल’

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान शनिवार को तीन आतंकवादियों को मार गिराया था। इस दौरान एक नागरिक की भी मौत हो गई, जिसके पिता ने सुरक्षाकर्मियों पर बेटे को ‘मानव ढाल’ के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। मृत आतंकवादियों की शिनाख्त अंवतीपोरा स्थित पंजगाम के शौकत डार, सोपोर में वदूरा पायीन के इरफान वार और पुलवामा में तहाब के मुजफ्फर शेख के तौर पर हुई।

67 वर्षीय जलालुद्दीन डार ने एनकाउंटर वाली रात का जिक्र करते हुए बताया, ‘जब मेरा परिवार सहरी की तैयारी कर रहा था, तब मेरे बेटों रईस और युनूस अहमद डार को देर रात सुरक्षाकर्मियों ने घर से बाहर निकलवाया। उन्हें पड़ोस के एक घर में छिपे हुए आतंकियों को बाहर निकलवाने को कहा गया। विरोध करने की कोशिश की तो सैनिकों ने मुझे भी घर से बाहर खींच निकाला।’

बता दें कि पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, तीनों आतंकियों का संबंध आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन से था। डार 2018 में सेना के जवान औरंगजेब की हत्या और पुलिसकर्मी आकिब अहमद वागे की हत्या करने वाले समूह में शामिल था। उसके खिलाफ आतंकवाद के कई मामले दर्ज थे।

‘बेटों को छोड़ मुझे ले जाने की लगाई गुहार’
उन्होंने बताया, ‘मैंने सुरक्षाकर्मियों से गुहार लगाई कि बेटों को जाने दो, मुझे ले चलो। लेकिन उन पर कोई फर्क नहीं पड़ा। दोनों बेटों को और मुझे अलग-अलग दिशाओं में ले जाया गया। मेरे बेटों से कहा गया कि वे आवाज लगाकर घर में छिपे आतंकियों को बाहर आने को कहें। आतंकी गुलाम हसन डार के घर में छिपे थे।’

गोलीबारी में रईस की मौत, दूसरा घायल
घायल युनूस ने बताया, ‘सुरक्षाबलों के कहने पर मेरे भाई रईस ने जैसे ही गुलाम के घर के दरवाजे को खटखटाते हुए बाहर आने को कहा, तभी लाइट चली गई और अंदर से गोली चलने की आवाजें आईं। गोली से सर्च ऑपरेशन टीम का एक जवान शहीद हो गया, जिसके बाद गोलीबारी शुरू हो गई, जिसका शिकार मेरा भाई हो गया। मेरी जांघ में गोली लगी। मैं घिसटते हुए दूर चला गया, लेकिन भाई की मौके पर ही मौत हो गई।’ घायल युनूस का श्रीनगर में इलाज चल रहा है।

फैमिली के दावे को पुलिस ने किया खारिज
हालांकि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने परिवार के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि मुठभेड़ आबादी वाले इलाके में हुआ। आतंकियों की तरफ से चली गोली में एक जवान शहीद हो गया, जबकि एक नागरिक की मौत हो गई।

बता दें कि पुलवामा में ही सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 3 आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। आतंकी डालीपोरा के एक घर में छिपे हुए थे। जांच में यह बात सामने आई कि तीनों आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद के थे। मुठभेड़ में एक नागरिक की भी मौत हो गई जबकि एक जवान शहीद हो गया। 130 बटालियन CRPF, 55 राष्ट्रीय राइफल्स और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के जवानों ने आतंकवादी को मार गिराया।