जम्मू-कश्मीर में नया जीएसटी रिटर्न सिस्टम जल्द होगा लागू, ऑफ लाइन टूल से चालान होगा अपलोड

जम्मू-कश्मीर कर विभाग ने नए जीएसटी रिटर्न सिस्टम के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसे जल्द ही जम्मू और कश्मीर राज्य में लागू किया जाएगा। इसमें (फार्म जीएसटी आरईटी -1), दो अनुलग्नक (फार्म जीएसटी एएनएक्स-1 और (फार्म जीएसटी एएनएक्स-2) तीन मुख्य घटक हैं। जुलाई 2019 से उपयोगकर्ता परिचित होने के लिए परीक्षण आधार पर फार्म जीएसटी एएनएक्स-1 ऑफ़ लाइन टूल का उपयोग करके चालान अपलोड कर सकेंगे।

ट्रायल प्रोग्राम के तहत फार्र्म जीएसटी एएनएक्स-2 ऑफ़ लाइन टूल का उपयोग करके इनवॉइस की आवक आपूर्ति अपलोड कर सकेंगे। आवक आपूर्ति चालान का सारांश भी आम पोर्टल पर ऑनलाइन देखने के लिए उपलब्ध होगा। सलाह में कहा गया है वे ऑफ लाइन टूल में अपने खरीद रजिस्टर को आयात करने में भी सक्षम होंगे और डाउनलोड किए गए इनवॉइस सप्लाई इनवॉइस के साथ मेल नहीं कर पाएंगे।

सलाह के अनुसार यह परीक्षण करदाता के कर दायित्व या इनपुट टैक्स क्रेडिट पर अंतिम छोर पर कोई प्रभाव नहीं डालेगा। अक्तूबर 2019 से फार्म जीएसटी एएनएक्स-1 को अनिवार्य किया जाएगा। बड़े करदाता (यानी वे करदाता जिनका पिछले वित्तीय वर्ष में कुल वार्षिक कारोबार 5 करोड़ रुपये से अधिक था) अक्तूबर 2019 के बाद से अपने मासिक जीएसटी एएनएक्स -1 को अपलोड करेंगे।

छोटे करदाताओं (5 करोड़ रुपये तक पिछले वित्त वर्ष में कुल वार्षिक कारोबार के साथ) द्वारा अपलोड की जाने वाली पहली अनिवार्य तिमाही जीटीएम एएनएक्स -1 तिमाही के अक्तूबर से दिसंबर 2019 के लिए जनवरी 2020 तक ही देय होगी। अक्तूबर और नवंबर 2019 के लिए बड़े करदाता मासिक आधार पर फार्म जीएसटीआर-3बी दाखिल करना जारी रखेंगे। वह दिसंबर 2019 से 20 जनवरी 2020 तक के महीने के लिए अपना पहला जीएसटीआरईटी -1 दाखिल करेंगे।

छोटे करदाता जीएसटीआर-3बी दाखिल करना बंद कर देंगे और अक्तूबर, 2019 से फार्म जीएसटी पीएमटी -08 दाखिल करना शुरू कर देंगे। वे अपना पहला फार्म जीएसटीआर-आरईटी- 01 अक्तूबर से दिसंबर 2019 तिमाही के लिए 20 जनवरी तक दाखिल करेंगे।