पुलवामा आतंकी हमले को पाकिस्‍तानी सीनेटर ने बताया ‘वतन का सबसे बेहतरीन पल’

पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था। 350 किलो विस्फोटक से भरी एसयूवी से काफिले की एक गाड़ी में टक्कर मार दी गई थी। इस हमले में सीआरपीएफ के करीब 40 जवान शहीद हो गए थे। करीब एक महीने पहले हुए इस आतंकी हमले को पाकिस्तानी सीनेटर मुसाहिद हुसैन सैयद ने ‘पाकिस्तान का सबसे बेहतरीन पल कहा’। उन्होंने कहा कि वर्ष 1998 के बाद पिछले 20 वर्षों में पुलवामा अटैक पाकिस्तान का सबसे बेहतरीन पल रहा। बता दें कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस घटना की जिम्मेदारी ली थी।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) के सदस्य हुसैन ने यह बात इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटेजिक स्टडीज इस्लामाबाद (आईएसएसआई) द्वारा आयोजित थिंक टैंक की बैठक कही। वे यहां पाकिस्तान-चीन इंस्टीट्यूट और सीनेट के विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष के रूप में मौजूद थे। हुसैन ने आईएसएसआई में कहा, “पुलवामा में फरवरी में जो हुआ, मेरे विचार से यह 1998 में हुए न्यूक्लियर टेस्ट के बाद पाकिस्तान के लिए सबसे बेहतरीन पल था।” उन्होंने पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तानी वायुसेना के बीच आमने-सामने की लड़ाई तथा ‘डिप्लोमेटिक जीत’ के लिए देश (पाक) में एकजुटता की सराहना की। हुसैन ने कहा, “सभी लोग एक साथ थे। हमने सही समय पर सही तरीके से सही निर्णय लिया। तब हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अपने लोगों का साथ मिला।”

इसके अलावा पुलवामा हमले को ‘पाकिस्तान का सबसे अच्छा पल’ बताते हुए हुसैन ने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व से लेकर सेना तक, देश में हर किसी ने एक समान सुर में इस मामले को अच्छे तरीके से संभाला। उन्होंने कहा, “1998 में न्यूक्लियर टेस्ट, पुलवामा और इसके एक महीने बाद, सभी लोगों की एक राय रही चाहे वह हमारा राजनीतिक नेतृत्व हो, सरकार हो या विपक्ष। यहां तक ही हमारे सैन्य नेतृत्व या मीडिया और वैचारिक नेता सभी एक बात पर सहमत रहे। मैं निश्चित रूप से कहूंगा कि यह हमारा सबसे अच्छा समय है।”

इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि कोई भी पुलवामा हमले के लिए हमारे देश को धमका नहीं सकता है। यदि भारत हमें कोई सबूत देता है तो हमने किसी भी जांच में पूरी तरह सहयोग करने की पेशकश की है। पाक की सत्तारूढ़ पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के आधिकारिक टि्वटर अकाउंट पर जारी एक संदेश के माध्यम से उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के उपर किसी तरह का आरोप लगाना आसान है लेकिन इससे समस्या का सामाधान नहीं होगा और दुनिया भी विश्वास नहीं करेगी।”