दक्षिण कश्मीर में चार दिनों के बाद रेल सेवाएं बहाल

जम्मू-कश्मीर में दक्षिण कश्मीर के बडगाम-श्रीनगर से जम्मू क्षेत्र के बनिहाल के बीच सुरक्षा कारणों से लगातार चार दिनों से स्थगित रेल सेवाएं बुधवार को बहाल कर दी गयीं। इसके साथ ही कश्मीर घाटी के सभी मार्गाें पर बुधवार से ट्रेनों का आवागमन भी सुचारू रूप से जारी हाे गया।
उत्तरी कश्मीर में तीन दिनों तक बाधित रहने के बाद मंगलवार से रेल सेवाएं बहाल कर दी गयी। उस इलाके में ट्रेनों का आवागमन सुचारू रूप से जारी है।
पुलवामा में शनिवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों की मुठभेड़ तीन आतंकवादियों की मौत तथा सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में सात लोगों के मारे जाने की घटना के विरोध में अलगाववादियों के संयुक्त संगठन (जेआरएल) ने हड़ताल के आह्वान को देखते हुए दोनों इलाकों में रेल सेवाएं स्थगित की गयी थीं। मुठभेड़ में सेना का जवान भी शहीद हुआ था। मुठभेड़ और झड़प की घटनाओं के बाद शनिवार से ही घाटी में रेल सेवा बाधित थी।
रेलवे अधिकारी ने यूनीवार्ता से कहा, “पुलिस-प्रशासन से मंगलवार की रात को ताजा परामर्श मिलने के बाद बुधवार को दक्षिण कश्मीर में भी रेल सेवाओं को बहाल करने का निर्णय लिया गया है।” उन्होंने बताया कि दक्षिण कश्मीर में बड़गाम-अनंतनाग-काजीगुंड से जम्मू के बनिहाल क्षेत्र के लिए रेल सेवाएं चार दिनों के बाद फिर से बहाल कर दी गयी।
उन्होंने कहा कि स्थिति में सुधार को देखते हुए उत्तर कश्मीर में ट्रेन सेवाएं मंगलवार को ही शुरू कर दी गयी थी। उत्तर कश्मीर में श्रीनगर-बड़गाम और बारामूूला के बीच सभी ट्रेनें अपनी निर्धारित समय से चल रही हैं।
अधिकारी ने कहा कि हम यात्रियों, रेलकर्मियों तथा रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही पुलिस समेत स्थानीय प्रशासन के परामर्श के बाद ही रेल सेवाओं के स्थगन के संबंध में निर्णय लेते हैं।
परिवहन का सुरक्षित, सस्ता एवं तेज माध्यम होने के कारण ट्रेन सेवाएं घाटी में काफी लोकप्रिय हैं। घाटी में अलगाववादियों की हड़ताल, स्थानीय लोगों के प्रदर्शन तथा सुरक्षा बलों के साथ आतंकवादियों के मुठभेड़ के कारण बार-बार ट्रेन सेवाएं स्थगित कर दी जाती हैं।