J&K: Domicile केवल नौकरी के लिए, न भूमि खरीद सकेंगे और न बनेंगे वोटर

जम्मू-कश्मीर में डोमिसाइल सर्टिफिकेट केवल नौकरी हासिल करने के लिए मान्य होगा। इससे किसी को भी जमीन खरीदने का अधिकार प्राप्त नहीं होगा। सरकार ने साफ किया है कि 31 अक्टूबर 2019 से पहले जिन्हें पीआरसी हासिल हुई है, उन्हें इसी आधार पर ही डोमिसाइल जारी किया जाएगा। इसके लिए अन्य दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ेगी। कश्मीरी पंडितों को केवल पीआरसी या फिर माइग्रेंट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिखाना पड़ेगा। डोमिसाइल के आधार पर कोई भी व्यक्ति मतदाता सूची में नहीं शामिल होगा।

सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने मंगलवार संवाददाता सम्मेलन में बताया कि अब तक 12.5 लाख लोगों को डोमिसाइल प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं। इनमें 99 प्रतिशत ऐसे हैं जिनके पास पहले से पीआरसी था। इनमें 11398 पश्चिमी पाकिस्तान से आए शरणार्थियों, 415 वाल्मीकि समुदाय के सदस्यों, 10 गोरखा समुदाय के सदस्यों और 12340 पंजीकृत प्रवासी शामिल हैं। 

राजस्व विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पवन कोतवाल ने बताया कि डोमिसाइल सर्टिफिकेट केवल जम्मू-कश्मीर में नौकरियां हासिल करने के लिए है। इससे किसी को भी जमीन खरीदने का अधिकार प्राप्त नहीं होगा। इतना ही नहीं इसके हासिल करने से किसी का भी नाम मतदाता सूची में नहीं डाला जाएगा। कोतवाल ने यह भी कहा कि अभी तक करीब 17 लाख आवेदन आए थे। 4.3 लाख पेंडिंग हैं। 20 हजार आवेदन रिजेक्ट हुए हैं। इस मौके पर सूचना विभाग के निदेशक डॉ. सैयद सहरीश असगर भी मौजूद थे।
 
अब पांच दिन में मिल जाएगा प्रमाणपत्र 
 कंसल ने बताया कि सरकार ने डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी करने की समय सीमा को 15 दिनों से घटाते हुए 5 दिन कर दिया गया है। इसे हासिल करने के लिए केवल पीआरसी का होना ही काफी है। बताया कि फर्जी पीआरसी के माध्यम से इस प्रमाणपत्र को हासिल करने वालों के लिए कार्रवाई का प्रावधान है।