J&K: घाटी में कोरोना की तेज चाल, 90 फीसदी संक्रमित मरीजों में लक्षण नहीं

जम्मू-कश्मीर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार से हालात खराब होने लगे हैं। प्रदेश में नए संक्रमित मामलों में 80 से 90 फीसदी में सामान्य लक्षण या कोई लक्षण नहीं है। सिर्फ 10 फीसदी मामलों में ही अधिक लक्षण हैं। ये सीमित फीसदी के मामले में अधिकतर मरीज पहले से ही कई बीमारियों से ग्रस्त हैं। पिछले आठ दिन में जिला जम्मू में संक्रमण का तेजी से प्रसार हुआ है। प्रदेश के कुल संक्रमित मामलों में 52 फीसदी इसी जिले से आए हैं। इस दौरान 21 मौतें भी हुई हैं। 

आरटी-पीसीआर के बाद रैपिड एंटीजन टेस्टिंग में संक्रमित मामलों में बढ़ोतरी हुई है। जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. नसीब चंद डींगरा के अनुसार उनके पास मौजूदा जो कोविड संक्रमित मरीज पहुंच रहे हैं, वे घर से ही गंभीर होकर आ रहे हैं। इसका बड़ा कारण कोरोना संक्रमण के लक्षणों को नजरअंदाज करना है। ऐसे गंभीर मरीजों को पहले से ही ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन, मधुमेह आदि बीमारियां होती हैं, जिससे उनकी हालत जल्दी बिगड़ जाती है। 
  
वहीं स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रेणु शर्मा का कहना है कि रैपिड एंटीजन टेस्टिंग से संक्रमित मामलों की पहचान की जा रही है। इसमें 80 से 90 फीसदी मामलों में सामान्य या कोई लक्षण नहीं मिल रहा है। संक्रमित मरीजों में हल्की खांसी, हल्का बुखार, गले में खराश, दस्त, सामान्य डायरिया आदि के लक्षण मिल रहे हैं। होम आइसोलेशन कोविड स्वास्थ्य देखभाल के तहत संक्रमित मरीजों को घर पर विभाग की ओर से पल्स आक्सीमीटर मुहैया करवाए जा रहे हैं। रैपिड एंटीजन टेस्टिंग के लक्ष्य को बढ़ाया गया है। इसमें सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और विभिन्न विभागों को शामिल किया गया है। 

वहीं, जम्मू जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी से ऊपर जा रहा है। पिछले आठ दिन में प्रदेश में कोरोना के 5864 संक्रमित मामले मिले, जिसमें जम्मू जिले से 2745 लोग पीड़ित हुए, यानी 52 फीसदी की रफ्तार से संक्रमित मामले सामने आ रहे हैं। जिले में अब तक 4902 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जिसमें 2564 मामले सक्रिय हैं। जबकि 2279 मरीज ठीक हो चुके हैं। आगामी दिनों में जिले में संक्रमित मामलों में बढ़ोतरी होने के आसार हैं।