जम्मू-कश्मीर: उपराज्यपाल बनते ही केंद्र शासित प्रदेश में यह पहला काम करेंगे मनोज सिन्हा

पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के नए लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में शपथ लेने वाले हैं। राजनीतिक कौशल के साथ-साथ प्रशासनिक क्षमता रखने वाले मनोज सिन्हा 10 अगस्त को कार्यभार संभालेंगे। जम्मू-कश्मीर में मनोज सिन्हा की पहली जिम्मेदारी केंद्र शासित प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियों को बहाल करना होगी।

बता दें कि पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही राजनीति प्रक्रिया बंद है। ऐसे में नए उपराज्यपाल का पहला काम यहां होने वाले चुनावों का कमान संभालना होगा। जल्द ही जम्मू-कश्मीर में नई विधानसभा का गठन भी होना है जिसका ऐलान पिछले दिनों बीजेपी महासचिव राम माधव ने किया था।

केंद्र सरकार के सूत्र के मुताबिक, पिछले तीन दशक में सत्यपाल मलिक के बाद मनोज सिन्हा जम्मू-कश्मीर के राजभवन में प्रवेश करने वाले दूसरे राजनेता होंगे। बता दें कि 2019 लोकसभा चुनाव में मनोज सिन्हा गाजीपुर सीट से बीएसपी उम्मीदवार अफजाल अंसारी से हार गए थे। गाजीपुर लोकसभा सीट का यह फैसला काफी चौंकाने वाला था। खाटी नेता के रूप में मशहूर मनोज सिन्हा ने 1996, 1999 और 2014 लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की। केंद्रीय मंत्री के रूप में मनोज सिन्हा का अनुभव केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश के बीच सामंजस्य बिठाने में मदद करेगा।

उदाहरण के लिए केंद्र ने कश्मीर घाटी से नई दिल्ली के बीच प्रत्यक्ष रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने को मुख्य प्राथमिकताओं में रखा है। मनोज सिन्हा के करीबी सूत्र के मुताबिक, उधमपुर श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक प्रॉजेक्ट के जून 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। मनोज सिन्हा मोदी सरकार (2014-2019) में रेल राज्यमंत्री रह चुके हैं, ऐसे में वह इस प्रॉजेक्ट के महत्व से भलीभांति जागरूक हैं।

सूत्र के मुताबिक, मनोज सिन्हा फाइलों के त्वरित निपटान में विश्वास रखते हैं। सूत्र ने उदाहरण के रूप में रेकॉर्ड समय में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के लॉन्च का हवाला दिया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निजी सचिव साकेत कुमार मनोज सिन्हा के पर्सनल सेक्रेटरी रह चुके हैं, जब वह केंद्रीय मंत्री थे। कहा जाता है कि मनोज सिन्हा ने ही अमित शाह से साकेत कुमार का नाम सुझाया था।

1 जुलाई 1959 को गाजीपुर के मोहनपुरवा गांव में जन्मे मनोज सिन्हा आईआईटी-बीएचयू से एमटेक डिग्री होल्डर हैं। अपने कार्यकाल में उन्होंने गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़ और मऊ में रेलवे लाइन पर कई विकास कार्य करवाए।