J&K: घाटी के बाज़ारों में कोरोना की रैंडम टेस्टिंग, दुकानदारों से लेकर खरीदारों तक की हो रही जांच

कश्मीर घाटी में कोरोना के बढ़ते संक्रमण और संक्रमितों की संख्या से चिंतित प्रशासन ने अब घाटी में रैंडम मार्केट टेस्टिंग शुरू कर दी है. इस नए प्रयास के तहत बाजारों, दफ्तरों और मॉल में सरकारी विभाग की टीम पहुंच कर वहां, मौजूद लोगों की टेस्टिंग कर रही है.

पहले चरण में श्रीनगर के मुख्य बाज़ार लाल चौक में इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई जहां डॉक्टर और कोरोना टीम के साथ-साथ प्रशासन की तरफ से एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में यह काम शुरू हुआ. श्रीनगर के सिटी मजिस्ट्रेट, फ़ैयाज़ अहमद बाबा, जो एक टीम के साथ खुद लाल चौक में थे, उनका कहना है कि अनलॉक के बाद कोरोना संक्रमण के मरीज़ों की संख्या बढ़ने लगी है, उससे निपटने के लिए यह नया अभियान शुरू किया गया है, जिसमें सभी मार्केट में दुकानदार, उनके कर्मचारियों और बाज़ार में आने वाले ग्राहकों की जांच होगी.

रैपिड टेस्ट के ज़रिये किये जाने वाले इन टेस्ट में मौके पर ही लोगों को उनके कोरोना से संक्रमित होने या ना होने की रिपोर्ट दी जा रही है और साथ ही पॉजिटिव आने वालों को ज़रूरी निर्देश भी दिए जा रहे हैं. दुकानदारों का कहना है कि इस टेस्टिंग से उनको काफी फायदा है.

लाल चौक में दुकान चला रहे इरफ़ान के अनुसार इस सरकारी कदम से उनको काफी प्रोत्साहन मिला है, क्योंकि ना सिर्फ वह खुद यह जान रहे हैं कि क्या वह संक्रमित हैं या नहीं और बल्कि लोगों को भी इस संक्रमण से बचने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है.

वहीं, टेस्ट टीम के डॉक्टर, डॉ जाहिद के अनुसार आने वाले दिनों में श्रीनगर शहर के सभी बाजारों और दुकानों को इसी तरह से रैंडम टेस्टिंग के ज़रिये टारगेट किया जाएगा. जिससे तेज़ी से फैल रहे कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी.

जम्मू कश्मीर में पिछले छह दिनों से लगातार एक हज़ार से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं और कुल संक्रमित मरीज़ों का आंकड़ा 50 हज़ार के करीब पहुंच चुका है. अब तक 806 लोगों की जान भी इस संक्रमण के चलते जा चुकी है.

इसीलिए आम लोग जहां एक तरफ सरकार के रैंडम टेस्टिंग की सराहना कर रहे हैं, वहीं इस कार्यक्रम को पूरे राज्य में चलाने की मांग कर रहे हैं. आसिफ खान नाम के श्रीनगर निवासी ने कहा कि यह काम बहुत जल्द शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन देर आए दुरुस्त आए.