J&K: कोविड-19 महामारी के कारण 3 माह के लिए फिर टले श्रीनगर मेयर चुनाव

श्रीनगर नगर निगम फिलहाल कार्यवाहक मेयर के सहारे ही रहेगा। पूर्णकालिक मेयर के लिए दिसंबर 2020 तक इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि मेयर का चुनाव कोविड 19 महामारी से पैदा हालात के चलते एक बार फिर स्थगित कर दिया गयाहै। उल्लेखनीय है कि श्रीनगर नगर निगम के तत्कालीन मेयर जुनैद अजीम मट्टु को 16 जून 2020 को अविश्वासमत के जरिए उनके पद से हटाया गया है और उसी दिन से मेयर का पद खाली पड़ा हुआ है।

सामान्य परिस्थितियों में एक माह के भीतर नए मेयर को चुना जाना होता है।आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव धीरज गुप्ता द्वारा आज जारी एक अधिसूचना में कहा गया है श्रीनगर नगर निगम के मेयर का पद 16 जून 2020 से खाली पड़ा हुआ है। जम्मू-कश्मीर नगर निगम अधिनियम 2000 की धारा 36 के मुताबिक नए मेयर को एक माह के भीतर चुना जाना है। अलबत्ता, कोविड-19 महामारी से पैदा परिस्थितियों के मद्देनजर जिला मजिस्ट्रेट श्रीनगर जो जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण श्रीनगर के चेयरमैन भी हैं, ने श्रीनगर के विभिन्न माइक्रो कंटेनमेंट जोन में किसी भी प्रकार की आवाजाही पर रोक लगा रखी है। श्रीनगर नगर निगमायुक्त ने भी बताया है कि श्रीनगर के 96वें जोन को कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए जिला मजिस्ट्रेट श्रीनगर के आदेशानुसार माइक्रो कंटेनमेंट जोन अधिसूचित किया गया है।

श्रीनगर नगर निगम के अधिकांश कौंसिलर इन्हीं इलाकों में रहते हैं। निगमायुक्त श्रीनगर ने बताया कि इन क्षेत्रों में किसी भी तरह की आवाजाही पर रोक के चलते जम्मू-कश्मीर नगर निगम अधिनियम 2000 की धारा 36 और इसकी उपधारा दो के प्रावधानों के मुताबिक 15 सितंबर 2020 को चुनाव कराया जाना संभव नहीं है। इसी अधिनियम की धारा 36 की उपधारा दो के तीसरे प्रावधान में कहा गयाहै कि अगर महामारी, प्राकृतिक आपदा, भूकंप, हिमपात या सुरक्षा से पैेदा कोई आपात परिस्थिति हो तो मेयर या डिप्टी मेयर के चुनाव की समय सीमा को उस दिन से जिस दिन संबधित पद खाली हुआ है, अधिकतम छह माह के लिए बढ़ाया जा सकता है। इसलिए श्रीनगर मेयर पद के चुनाव की समय सीमा को जिस दिन से पद खाली है, छह माह के लिए बढ़ाया जाता है।

आपको जानकारी हो कि बीते दिनों ही अदालत के निर्देशानुसार, श्रीनगर निगमाायुक्त ने श्रीनगर के डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वासम प्रस्ताव पर सत्र बुलाया था, लेकिन कोरम पूरा न होने पर अविश्वासमत प्रस्ताव पर कार्रवाई नहीं हो पायी थी। पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टु पीपुल्स कांफ्रेंस सेजुड़े हुए हैं। वह भाजपा के समर्थन सेही मेयर बने थे, लेकिन पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम लाग होने के साथ ही जम्मू कश्मीर में बदले सियासी समीकरणों के बीच पीपुल्स कांफ्रेस और भाजपा का गठजोड़ भी टूट गया।

भाजपा ने दिसंबर 2019 में जुनैद मट्टु को हटाने की तैयारी कर ली थी, लेकिन अंतिम समय में मटटु ने नेकां, कांग्रेस व कुछ निर्दलीय पार्षदों के साथ गठजोड़ कर अपनी कुर्सी बचा ली थी।इस दौरान तत्कालीन डिप्टी मेयर शेख इमरान को अपना पद गंवाना पड़ा था। उनके स्थान पर नेकां से जुड़े परवेज कादरी जुनैद मट्टु के सहयोग से डिप्टी मेयर बने थे। इसके बाद इसी साल मई माह के दौरान भाजपा ने पूर्व डिप्टी मेयर शेख इमरान को आगे करते हुए जुनैद मट्टु को हटाने का अभियान चलाया था जो 16 जून 2020 को पूरा हुआ। मट्टु के स्थानापन्न के तौर पर शेख इमरान को देखा जाता है, लेकिन चुनाव बार-बार टलते जा रहे हैं।