J&K: आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए ऐंबुलेंस का हो रहा इस्तेमाल

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने अपनी गतिविधियों को जारी रखने के लिए नया पैंतरा आजमाया है। आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए घाटी में ऐंबुलेंस का चालाकी से इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे आतंकी को सिक्यॉरिटी चेकपॉइंट में चकमा देकर आसानी से बच निकलते हैं और आतंकी घटनाओं को अंजाम देकर दक्षिण कश्मीर में स्थित अपने ठिकानों में वापस लौट जाते हैं।

श्रीनगर के एसएसपी हसीब मुगल ने बताया कि आतंकियों की इस पैंतरेबाजी का खुलासा पिछले हफ्ते हुआ जब पुलिस ने आतंकी हमले में इस्तेमाल हुई दो ऐंबुलेंस जब्त की थी। इनमें से एक कथित रूप से श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एसकेआईएमएस) से जुड़ी डॉ. सुसैन जलाली के नाम से रजिस्टर्ड थी।

20 मई की घटना में हुआ था ऐंबुलेंस का इस्तेमाल
दूसरी ऐंबुलेंस सौरा के दुलबाग स्थित मोमिन वॉलफेयर ट्रस्ट के नाम से दर्ज थी। एसएसपी मुगल के अनुसार, ‘दोनों ऐंबुलेंस का इस्तेमाल 20 मई को हुई आतंकी घटना में किया गया था जिसमें 37 बटालियन के बीएसएफ के दो जवान को क्लोज रेंज से सिर पर मारा गया था।’ एसएसपी ने बताया, ‘एक ऐंबुलेंस हमले में शामिल आईएस मॉड्यूल के आतंकियों को अनंतनाग से श्रीनगर लेकर गई। दूसरी गाड़ी आतंकियों को लेकर दक्षिण कश्मीर वापस आई।’

5 लोगों ने पूछताछ में बताए राज
एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने दो स्कूटर भी जब्त किए गए हैं जिन्हें बीएसएफ के शहीद जवान राणा मंडल और जिया उल हक के हथियारों को छीनकर भागने में इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने आतंकियों को लाने-ले जाने में मदद करने वाले 5 लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जिन्होंने एसकेआईएमएस की ऐंबुलेंस के इस्तेमाल से लेकर हमले की पूरी जानकारी दी।

SKIMS की डॉक्टर से भी पूछताछ
दोनों ऐंबुलेंस से बीएसएफ जवानों पर खुली फायरिंग की गई थी। अलग-अलग हमले में बीएसएफ जवान शहीद हुए थे। इनमें से एक हमला श्रीनगर के जादिबल और दूसरा अनंतनाग के बिजबेहारा में हुआ। एसएसपी ने बताया, ‘एक ऐंबुलेंस की ओनरशिप को लेकर डॉ. जलाली से पूछताछ हो रही है जिसका इस्तेमाल 20 मई के हमले में किया गया था।’

अस्पताल को पत्र लिखकर मांगी जानकारी
एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने एसकेआईएमएस प्रशासन को पत्र लिखकर आतंकियों द्वारा ऐंबुलेंस के इस्तेमाल में किसी अंदरूनी शख्स की मिलीभगत की आशंका जताते हुए सवाल किया है जिसका अभी तक जवाब नहीं मिला है। इसके अलावा सौरा पुलिस थाने में गिरफ्तार लोगों के खिलाफ आर्म्स ऐक्ट और गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।