US राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले धरती की ओर आ रहा है ऐस्टरॉयड, जानें कितना है खतरा

अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले एक ऐस्टरॉयड धरती की तरफ आ रहा है. हालांकि, इसके धरती से टकराने की आशंका नहीं है, लेकिन यदि आखिरी वक्त पर ऐसा होता भी है, तो घबराने की कोई बात नहीं है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि ऐस्टरॉयड का आकार छोटा होने के चलते नुकसान की आशंका नहीं है.

ऐस्टरॉयड 2018VP1 के अमेरिकी चुनाव से ठीक पहले यानी 2 नवंबर को धरती के पास से गुजरने की संभावना है. NASA ने बताया कि ऐस्टरॉयड का व्यास 0.002 किमी या लगभग 6.5 फीट है. इसलिए यदि यह धरती से टकराता है, तो भी ज्यादा नुकसान नहीं होगा.

इस ऐस्टरॉयड को पहली बार 2018 में कैलिफोर्निया में पालोमर ऑब्जर्वेटरी में खोजा गया था. इसके तीन इमोकैट्स हो सकते हैं, लेकिन नासा ने 21 अवलोकनों के आधार पर यह पाया है कि ऐस्टरॉयड के पृथ्वी से टकराने की आशंका बेहद कम है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, ऐस्टरॉयड 2018VP1 के पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल होने की संभावना 0.41% है, लेकिन अगर यह दाखिल होता भी है तो भी इससे नुकसान की आशंका ज्यादा नहीं है. ऐसा इसलिए है क्योंकि छोटे आकार की वजह से यह वायुमंडल में दाखिल होने के साथ ही टूटकर जल जाएगा.

इससे पहले जब ऐस्टरॉयड 2018VP1 के चुनाव से ठीक पहले धरती की तरफ बढ़ने की बात सामने आई थी, तो लोग संभावित खतरे को लेकर परेशान हो गए थे. वैसे भी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव तमाम परेशानियों से जूझ रहा है. मेल-वोटिंग पर पूरी तरह से अमल किया जायेगा या नहीं? यह भी विवाद का विषय बना हुआ है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां इसके विरोध में हैं, वहीं विशेषज्ञों ने कोरोना संकट को देखते हुए इसकी वकालत की है.

ट्रंप ने यहां तक कह दिया है कि यदि मेल-वोटिंग से मतदान किया गया, तो दोबारा चुनाव कराने की नौबत आ सकती है. क्योंकि इसमें बड़े पैमाने पर धांधली की आशंका है. दरअसल, कोरोना महामारी से निपटने में ट्रंप सरकार के प्रयासों से जनता में नाराजगी है. कई सर्वेक्षणों में भी यह बात सामने आ चुकी है, इसलिए ट्रंप किसी तरह का खतरा मोल लेना नहीं चाहते. शुरूआती पोल में यह दावा किया गया है कि 3 नवंबर को होने वाले चुनाव में जो बिडेन डोनाल्ड ट्रंप पर भारी पड़ सकते हैं.