कश्मीरी पंडित पहचान की बहाली के लिए छेड़ेंगे लंबा संघर्ष

 कश्मीरी पंडितों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संगठन ने कहा है कि इन लोगों ने अपनी ‘खोई पहचान और अधिकार’ को बहाल करने के लिए जम्मू कश्मीर में लंबा संघर्ष शुरू करने का संकल्प लिया है। कश्मीरी पंडितों को 1989-90 में आतंकवाद के फैलने के चलते कश्मीर घाटी छोड़कर भागना पड़ा था। यहां ‘ कश्मीरी पंडितों की अगली पीढ़ी का भविष्य’ नामक एक संगोष्ठी में उन्होंने लंबे संघर्ष का संकल्प लिया। इस संगोष्ठी के आयोजक यूथ ऑल इंडिया कश्मीरी समाज ने एक बयान में कहा, ‘‘ समुदाय के नेताओं ने समुदाय की गायब पहचान तथा अपने राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकारों की बहाली के लिए लंबा संघर्ष शुरू करने का संकल्प लिया है।’’ बयान के अनुसार संगोष्ठी में हिस्सा लेने वालों ने केंद्रीय स्तर पर और क्षेत्रीय स्तर पर सरकार एवं राजनीतिक दलों से विस्थापित कश्मीरी पंडितों के राजनीतिक भविष्य पर अपना रूख स्पष्ट करने का आह्वान किया।