जम्मू कश्मीर के सभी किसानों को मिलेगा किसान क्रेडिट कार्ड

जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने सोमवार को किसानों को राहत देने जैसी योजनाओं किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), प्रधानमंत्री किसान निधि योजना (पीएम-किसान), मनरेगा और एसडीआरएफ की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए, कि केंद्र शासित प्रदेश के सभी किसानों को 31 मार्च तक केसीसी से जोड़ा जाए।

बैठक में जम्मू-कश्मीर बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधियों के साथ कई शीर्ष अधिकारी शामिल भी हुए। संभागीय आयुक्त कश्मीर और उपायुक्तों के साथ प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधियों और अन्य अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। बैठक में केसीसी योजना के तहत लाभार्थियों के पंजीकरण में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए, मुख्य सचिव ने उपायुक्तों से कहा कि इस काम में तेजी लाते हुए 31 मार्च तक 100 फीसदी कवरेज पूरी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि संभागीय आयुक्त कश्मीर/जम्मू निर्धारित तिथि तक लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रगति की निगरानी करेंगे। उन्होंने उपायुक्तों से कहा कि किसानों को मुर्गी पालन, मछली पालन और ऐसे अन्य ऐसी योजना में शामिल करने के लिए केसीसी से जोड़े, साथ ही उन्होंने कहा कि इस योजना का दुर उपयोग नहीं हो इसलिए इस योजना को आधार से जोड़ा जाए।

सेब एवं खरीफ फसलों को हुए नुकसान की भरपाई पर जोर

पीएम-किसान योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए, मुख्य सचिव ने संभागीय आयुक्तों और उपायुक्तों को उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई भी दी। उन्होंने उपायुक्तों को कहा कि बैंक अधिकारियों से मिलकर पहली मार्च तक बचे हुए मामलों को शामिल किया जाये। उन्होंने उपायुक्तों से जम्मू डिवीजन में खरीफ फसलों को हुए नुकसान और कश्मीर डिवीजन में सेब की फसल को हुए नुकसान के मुआवजे का वितरण एक महीने के भीतर सुनिश्चित करने को कहा। संबंधित विभागों जम्मू के 10 जिलों और कश्मीर के सात जिलों के लिए 102 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। मुख्य सचिव ने उपायुक्तों से कहा कि मनरेगा कार्यों की समीक्षा की साप्ताहिक आधार पर समीक्षा करें तथा मजदरों को मजदूरी का वितरण समय पर हों, इसके लिए राशि का आवंटन सुनिश्चित करें।