J&K: रियासी में लश्कर का मॉड्यूल ध्वस्त, सरकारी शिक्षक समेत तीन गिरफ्तार

जम्मू संभाग के रियासी जिले में आतंकवाद को फिर जिंदा करने की कोशिश को नाकाम करते हुए पुलिस और सेना ने लश्कर-ए-ताइबा का मॉड्यूल ध्वस्त कर तीन मददगार गिरफ्तार किए हैं। माहौर कलवा और सिलधार के रहने वाले तीन आरोपियों में सरकारी स्कूल का एक शिक्षक भी शामिल है।

पुलिस के अनुसार गुलाम हुसैता निवासी कलवा मलास (मिडिल स्कूल शिक्षक), अब्दुल अजीज निवासी सिलधार और अशफाक अहमद निवासी मलान माहौर ने पूछताछ में लश्कर के साथ संबंधों को कबूल कर लिया है। यह सभी पीओके में जिस हैंडलर के संपर्क में थे, वो भी रियासी के माहौर का ही मूल निवासी है। जांच के दौरान बैंक खातों से बेनामी लेनदेन और मारे गए आतंकियों के परिवारों को आईएसआई की फंडिंग के भी सुबूत मिले हैं।

एसएसपी रश्मि वजीर ने सोमवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि लश्कर के ओवर ग्राउंड वर्करों का नेटवर्क खड़ा करने संबंधी सूचना मिलने पर माहौर पुलिस ने पांच अगस्त 2020 को मामला दर्ज किया। आईपीसी की धारा 120बी, 121, 122, 123 व 124 के जांच के दौरान सेना की राष्ट्रीय राइफल्स और इंटेलिजेंस यूनिट से तकनीकी डेटा जुटाया गया। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने जब संदिग्धों से पूछताछ की तो लश्कर की बड़ी साजिश का खुलासा हो गया। 

लश्कर ने 18 साल से पीओके में रह रहे माहौर निवासी मोहम्मद कासिम को रियासी में आतंकी नेटवर्क खड़ा करने का जिम्मा सौंपा। उक्त आरोपी लगातार इनके संपर्क में रहे, जो राजोरी, माहौर, निक्की गली से होकर कश्मीर घाटी से जुड़ने वाली कुलगाम बेल्ट को आतंकी गतिविधियों के लिए फिर से सक्रिय करने की साजिश पर काम कर रहे थे। तीन ओजीडब्ल्यू से कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस ने इन तीनों के बैंक खातों से हुए बेनामी लेनदेन की पहचान की है। मारे गए कुछ आतंकियों के परिवारों की पहचान हुई है, जिन्हें आईएसआई ने पैसा उपलब्ध करवाया है। 

जल्द कुछ और गिरफ्तारियां संभव
एसएसपी के अनुसार जांच के दौरान साजिश से जुड़े कुछ और नाम भी सामने आए हैं, जिसे लेकर जल्द और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पूछताछ जारी है। इस मौके पर एएसपी सुरजीत कुमार भगत, डीएसपी डीआर मुमताज भट्टी, डीएसपी माहौर खालिद आदि मौजूद रहे।