लोकसभा चुनाव रिजल्टः 86 फीसदी कश्मीरी प्रवासियों ने दिया बीजेपी को वोट

 

एक विशेष प्रावधान के तहत 1996 के बाद से राज्य के बाहर रह रहे कश्मीरी प्रवासियों को कश्मीर में मतदान करने की अनुमति दी गई है। इस बार ऐसे 13,537 कश्मीरी प्रवासियों ने लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हालांकि यह आश्चर्यजनक नहीं होगा कि इन 13,537 वोटों में से बीजेपी को 86 फीसदी यानी 11,648 वोट मिले हैं।

अधिक दिलचस्प बात यह है कि घाटी की दो सीटों- अनंतनाग और श्रीनगर में बीजेपी प्रत्याशियों को ये बंपर वोट मिले हैं। चुनाव आयोग के आंकड़े देखें तो अनंतनाग में जहां बीजेपी को जीत मिली है यहां पर बीजेपी प्रत्याशी को 10,225 वोटों में से 7,251 (71 फीसदी) वोट प्रवासी कश्मीरियों से बीजेपी प्रत्याशी को मिले हैं। इसी तरह, श्रीनगर में बीजेपी पार्टी के कुल 4,631 वोटों में से 2,584 वोट (56 फीसदी) कश्मीरी प्रवासियों के मिले। हालांकि बारामूला में इसका अनुपात 23 फीसदी रहा।



1980 के दशक के उत्तरार्ध में उग्रवाद के कारण घाटी के कई क्षेत्रों से कश्मीरी हिंदुओं के जबरन पलायन करना पड़ा था। उनके पलायन के बाद इस योजना को लागू किया गया था। चुनाव आयोग ने भी समय के साथ-साथ कश्मीरी प्रवासियों के वोट देने के इस प्रावधान को और अधिक सुविधाजनक बनाने की कोशिश की। इसके लिए खासकर दिल्ली, जम्मू और उधमपुर के शिविर लगाकर सुविधाएं दी गईं।

प्रवासियों की संरचना को देखते हुए, यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि वे बीजेपी का समर्थन करते हैं, जिसे पार्टी पंडितों के लिए सबसे अधिक सहानुभूति के रूप में देखा जाता है।