जम्मू व कश्मीर सरकार ने आविष्कार, नवाचार, ऊष्मायन और प्रशिक्षण के दो केंद्र स्थापित करने के लिए टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

जम्मू व कश्मीर सरकार और टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने आज जम्मू-कश्मीर में आविष्कार, नवाचार, ऊष्मायन और प्रशिक्षण (सीआआईआईटी) के लिए जम्मू और बारामूला में सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एक-एक केंद्र स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू पर वीडियो कॉन्फ्रेंसं के माध्यम से उपराज्यपाल, जम्मू-कश्मीर, गिरीश चंद्र मुर्मु की उपस्थिति में केंद्र शासित प्रदेश सरकार की ओर से नवीन कुमार चैधरी, प्रमुख सचिव, सरकार, तकनीकी शिक्षा विभाग, जम्मू-कश्मीर और । आनंद भडे, अध्यक्ष टाटा टेक्नोलॉजीज लि. द्वारा हस्ताक्षर किए गए।
उपराज्यपाल के प्रमुख सचिव बिपुल पाठक भी इस अवसर पर उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से टाटा टेक्नोलॉजी के सुशील कुमार ने भाग लिया।
उपराज्यपाल ने इसे बारामूला और जम्मू में इन दो पॉलिटेक्निक कॉलेजों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण के बाद 100 प्रतिषत प्लेसमेंट के उद्देश्य से प्रमुख कौशल विकास संस्थानों के रूप में परिवर्तित करने का एक ऐतिहासिक अवसर करार दिया। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि परियोजना को समय से पूरा किया जाए ताकि जुलाई के अंत तक संस्थान में पहले बैच का प्रशिक्षण शुरू हो जाए। उन्होंने कहा कि उद्योग-अकादमिक भागीदारी का एक अच्छा उदाहरण, यह एक मॉडल के रूप में काम करेगा, जिसे कहीं और दोहराया जाएगा। उन्होंने कहा, ष्परिणाम आधारित परियोजना का उद्योग लिंकेज पहलू उत्कृष्टता के इन केंद्रों से निकलने वाले प्रशिक्षित टेक्नोक्रेट्स के लिए रोजगार की व्यापक संभावनाएं प्रदान करेगाष्, उन्होंने कहा।
उपराज्यपाल ने पॉलिटेक्निक कॉलेजों के संकाय सदस्यों और कर्मचारियों की क्षमता का निर्माण करने के लिए इस अवसर का उपयोग करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, क्योंकि टाटा टेक्नोलॉजीज ट्रेन ट्रेनर्स प्रोग्राम ’के माध्यम से 03 वर्षों के लिए सीआईआईआईटी में छात्रों को प्रशिक्षित करेगी। उन्होंने कहा कि क्षमता निर्माण अगले कुछ वर्षों में अन्य पॉलीटेक्निक कॉलेजों को प्रमुख कुशल विकास संस्थानों में परिवर्तित करने में भी मदद करेगा।
केंद्रों की स्थापना लगभग 360.00 करोड रु की लागत से की जाएगी जिसमें से 300 करोड़ रुपये का योगदान टाटा टेक्नोलॉजीज द्वारा किया जाएगा।
टाटा टेक्नोलॉजीज और प्रत्येक व्यक्तिगत सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज (जम्मू और बारामूला दोनों) के बीच भागीदारी सीआईआईआईटी के कार्यान्वयन में कुशल, प्रभावी, एकीकृत और टिकाऊ सेवा प्रदान करने में सक्षम होगी। परियोजना का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाना और जम्मू-कष्मीर तथा बाहर की उद्योग आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रशिक्षण जनशक्ति के लिए सीखने का माहौल बनाना है। केंद्रों से इंजीनियरों, तकनीशियनों आदि जैसे कुशल जनशक्ति का एक तैयार पूल बनाने की उम्मीद की जाती है, जो औद्योगिक विकास को बढ़ाने के अलावा स्वरोजगार के रास्ते बनाने में मदद करेंगे। केंद्र आसपास के कॉलेजों और एमएसएमई को कार्यशाला की सुविधा भी प्रदान करेंगे।
केंद्र, केंद्रशासित प्रदेश में स्थापित किए जाने वाले अपनी तरह के पहले काम के बाजारों की आवश्यकताओं के मद्देनजर पाठ्यक्रमों का अध्ययन करके जम्मू-कष्मीर के भीतर और बाहर, नए उत्पादों को विकसित करने और प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए इनोवेटरों की मदद करने के अलावा जम्मू-कश्मीर में पहले से स्थापित तकनीकी संस्थानों में शैक्षणिक और प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। प्रारंभ में, 18 प्रमुख पाठ्यक्रम और कई लघु अवधि के पाठ्यक्रम सीआईआईआईटी में से प्रत्येक में लगभग 1825 छात्रों की सेवन क्षमता के साथ पेश किए जाएंगे।
सरकार सीआईआईआईटी की स्थापना के लिए बिल्ट-अप, रेडी-टू-यूज स्पेस प्रदान करेगी और टाटा टेक्नोलॉजीज केंद्रों में प्रौद्योगिकी समाधान चलाने के लिए औद्योगिक हार्डवेयर, वाणिज्यिक प्रौद्योगिकी उपकरण, उपकरण और मशीनरी की व्यवस्था करेगी। टाटा टेक्नोलॉजीज मशीनरी और उपकरणों के रख-रखाव के अलावा प्रशिक्षित उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए हर संभव सहायता की पेशकश करेगा।
इसके अलावा, सरकारी तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, नवीन के। चैधरी ने बताया कि विभाग द्वारा केवल डिग्री और डिप्लोमा प्राप्त करने के बजाय हमारे युवाओं को रोजगारपरक बनाने के लिए कौशल विकास को बढ़ावा देने पर अपना ध्यान केंद्रित करने का गंभीर प्रयास है। उन्होंने आगे बताया कि आने वाले दिनों में विभाग में सुधारों की एक श्रृंखला को पूरी तरह से अपना ध्यान केंद्रित करने और कामकाज में सुधार लाने के लिए किया जाएगा।