चार महीनों से बंद वैष्णो देवी यात्रा, आगे भी जल्द खुलने के आसार नहीं

माता वैष्णो देवी की यात्रा पिछले चार महीनों से बंद है। 17 मार्च को अंतिम वार भक्तों को भवन के लिए भेजा गया था। उस दिन करीब 14 हजार 816 भक्तों को रवाना किया गया था। उसके बाद लाकडाउन के कारण यात्रा को बंद कर दिया गया। अभी तक बोर्ड या फिर सरकार की तरफ से यात्रा को बहाल करने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। जिस हिसाब से कोरोना प्रदेश में बढ़ रहा है। अमरनाथ यात्रा को रद्द किया गया। उससे हिसाब लगाया जा रहा है कि अभी माता की यात्रा भी जल्द शुरु नहीं होगी। चार महीनों तक यात्रा बंद रहने से कटरा में रौनक नहीं है। व्यापारियों में भी मंदी छाई हुई है। क्योंकि कटरा के व्यापारियों का पूरा सिस्टम यात्रियों पर टिका हुआ है।

इस साल के पहले दो महीनों में भक्तों की गिनती को देखकर लग रहा था कि इस साल यात्रा पिछले साल के रिकॉर्ड को तोड़ देगी। लेकिन बीच में लॉकडाउन के कारण माना जा रहा है कि भक्तों की गिनती कई सालों से कम आ जाएगी। आंकड़ों के अनुसार इस साल जनवरी में पांच लाख 12 हजार के करीब भक्त माता के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए आए। फरवरी माह में तीन लाख 96 हजार भक्त आए। अगर वर्ष 2019 की बात की जाए तो जनवरी में पांच लाख के करीब और फरवरी में दो लाख 69 हजार भक्त आए थे। जिससे साफ लग रहा था कि भक्तों का आंकड़ा बढ़ता। लेकिन लॉकडाउन के कारण ऐसा नहीं हो पाया।

विकास के काम चल रहे हैं
बताया गया कि भवन में विकास के काम चल रहे हैं। जिसमें सरकारी नियमों का पूरा पालन करते हुए बोर्ड की तरफ से काम करवाए जा रहे हैं। ताकि जब यात्रा खुले तो भक्तों को सुविधा मिल सके।

पांच महीनों में होती है भीड़
अभी तक के यात्रा के आंकड़ों के अनुसार साल के पांच महीनों में माता वैष्णों देवी आने वाले गिनती में काफी बढ़ोतरी होती है। क्योंकि मार्च के बाद स्कूलों में छुट्टियां पड़ जाती हैं। ऐसे में लोग यात्रा का प्लान बना लेते हैं। मार्च 2019 में 4 लाख 62 हजार भक्त आए, इसी माह वर्ष 2018 में 7 लाख 96 हजार, वर्ष 2017 में 6 लाख 84 हजार और वर्ष 2016 में 6 लाख 48 हजार आए। अप्रैल 2019 में 6 लाख 90 हजार, 2018 में 7 लाख 28 हजार, 2017 में आठ लाख और 2016 में 7 लाख 56 हजार भक्त आए।

2011 में आंकड़ा पहुंचा एक करोड़
माता वैष्णो देवी के भक्तों का आंकड़ा वर्ष 2012 के बाद एक करोड़ को नहीं छू पाया है। पहली बार वर्ष 2011 में भक्तों ने एक करोड़ के आंकडे को पार किया था। उस समय एक करोड़ एक लाख 15 हजार भक्त आए थे। अगले साल वर्ष 2012 एक करोड चार लाख और 95 हजार भक्त आए थे। उसके बाद भक्तों का आंकड़ा एक करोड़ नहीं पहुंचा है। वर्ष 2019 में 79 लाख 40 हजार भक्त आए थे।

रमेश कुमार सीईओ माता वैष्णों देवी श्राइन बोर्ड का कहना है कि अभी यात्रा शुरू करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। जब आदेश आएगा तो भक्तों को भवन जाने की अनुमति दी जाएगी।