अब महबूबा बोलीं, बुरहान वानी की मौत के बाद साल 2016 की हिंसा में मारे गए सभी लोग थे शहीद

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि वर्ष 2016 में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद हुई हिंसा में मारे गए सभी लोग शहीद थे। वह अपने पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की तीसरी पुण्यतिथि पर बिजबिहाड़ा गई थीं। यहां उन्होंने फातिहा पढ़ने के बाद कहा कि बुरहान के मारे जाने के बाद भड़की हिंसा में कई लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। इसके लिए वह लोगों से माफी मांगती हैं। पिछले कुछ दिनों से महबूबा पुराने ढर्रे पर चल पड़ी हैं। आतंकियों के घर जाने के साथ ही अलगाववादियों की वकालत करने लगी हैं।

बिजबिहाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वह एक मां हैं और मां का दर्द जानती हैं। लोग उनकी बातों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। कह रहे हैं कि उन्होंने 2016 की हिंसा में मारे गए बच्चों के लिए कहा था कि वह क्या टॉफी या दूध लेने गए थे। इस पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने यह उस अर्थ में कहा था कि कुछ लोगों ने इन्हें ढाल बनाया था। उन्हें आगे कर अपना स्वार्थ साधने की कोशिश की थी। आज उनका कलेजा फट रहा है। रोजाना खून बह रहा है।

पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज पार्टी से अलग हुए हैं वे सरकार बनाने के लिए नागपुर गए थे। उन्हें सरकार बनाने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने भाजपा पर भी हमला किया कि वह पावर प्रोजेक्ट की वापसी व सेना के कब्जे वाली जमीन की वापसी का आश्वासन पूरा नहीं कर सकी। उसने पीडीपी के साथ धोखा किया। कहा कि मेरे पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद हर वक्त बातचीत की वकालत किया करते थे।

पाकिस्तान के साथ दोस्ताना संबंध चाहते थे। यही वजह है कि उन्होंने सत्ता संभालने के फौरन बाद वर्ष 2015 में पाकिस्तान का धन्यवाद किया था। साथ ही हुर्रियत को भी धन्यवाद किया था चुनाव में सहयोग के लिए। कार्यक्रम से पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी नदारद थे। सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग जम्मू में होने की वजह से उपस्थित नहीं हो पाए।