हिज्बुल मुजाहिदीन की कश्मीरियों को धमकी, ‘बच्चों को आर्मी के गुडविल स्कूल में भेजा तो भुगतना होगा अंजाम’

आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन ने दक्षिण कश्मीर के शोपियां में पोस्टर लगाकर स्थानीय लोगों के लिए चेतावनी जारी की है कि वे अपने बच्चों को आर्मी के गुडविल स्कूल में पढ़ने न भेजें। आतंकवादी संगठन ने यहां के पैरंट्स को धमकी दी है कि अगर उन्होंने आर्मी के स्कूल में अपने बच्चों के पढ़ने के लिए भेजा तो इसका अंजाम उन्हें भुगतना होगा। आपको बता दें कि 6 मई को निकले सीबीएसई दसवीं बोर्ड के रिजल्ट में आर्मी द्वारा संचालित गुडविल स्कूल का सौ फीसदी रिजल्ट रहा है।

जम्मू-कश्मीर के दूर-दराज इलाकों में आर्मी 43 गुडविल स्कूल चलाती है। इनमें से तीन स्कूलों की मान्यता सीबीएसई से है। आर्मी के इन 43 स्कूलों में एक हजार स्टाफ काम करते हैं और लगभग पंद्रह हजार छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। घाटी में ये स्कूल आर्मी द्वारा संचालित होने के कारण अशांति के दौर में भी खुले रहते हैं। इन स्कूलों को ऑपरेशन सद्भावना के तहत संचालित किया जाता है।

सौ फीसदी रिजल्ट पर बौखलाया हिज्बुल
सोमवार को आए सीबीएसई दसवीं बोर्ड के रिजल्ट में यहां के सौ फीसदी छात्र पास हुए। जम्मू कश्मीर के रजौरी निवासी हित्तम आयूब छात्र ने 94.2 फीसदी मार्क्स के साथ इलाके में टॉप किया। 2017 में भी अलगाववादियों ने आर्मी की इन स्कूलों में दी जा रही शिक्षा को निशाने पर लिया था।

मतदान न करने की भी दी थी चेतावनी
अलगाववादियों ने करेवा, नादपोरा और शोपियां के आसपास इलाके के गांवों में कई पोस्टर लगाए थे। इन पोस्टर में उग्रवादी संगठन ने चेतावनी दी थी कि ‘मतदान के दिन’ मतदान करने वालों को ‘मार दिया जाएगा’। धमकी भरे पोस्टरों के बाद पुलवामा जिले में 2.38 फीसदी मतदान हुआ।

उर्दू में लगाए गए इन पोस्टरों में लिखा था, ‘हमें जानकारी मिली है कि सेना आपको वोट डालने के लिए मजबूर कर सकती है। लेकिन कश्मीरी लोगों को समझना चाहिए फिर चयन करना चाहिए। शोपियां में मतदान के दिन वोट डालने वालों को मार दिया जाएगा’

फिर से लगाए गए पोस्टरों में लिखा है, ‘हमारे कमांडर रियाज नाइकू ने आपको कई बार चुनावों से दूर रहने के लिए कहा है लेकिन कुछ लोग नहीं सुनते हैं। अब समय समाप्त हो गया है और हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे और उनके विडियो को पब्लिक किया जाएगा।’