जम्मूः निजामुद्दीन स्टेशन पर रुका था सैन्यकर्मी, संक्रमित पाए जाने से पहले किए थे ये काम, मचा हड़कंप

जम्मू संभाग में सांबा जिले के सुपवाल गांव में कोरोना वायरस पर रोकथाम के इंतजामों में बड़ी लापरवाही सामने आई है। 18 मार्च को आगरा से ट्रेन से घर लौटा सैन्यकर्मी 24 दिन बाद सैंपल जांच में कोरोना पॉजिटिव पाया गया। प्रशासन ने दावा किया है कि सैन्यकर्मी को होम क्वारंटीन रखा गया था। उसकी जांच दो दिन पहले की गई थी जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
 
सूत्रों ने बताया कि गांव वालों के कहने पर सैन्यकर्मी ने दो दिन पूर्व ही यात्रा इतिहास का फॉर्म भरा था। इसमें निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर एक घंटे रुकने का भी जिक्र किया गया। टेस्ट पॉजिटिव आने तक यह सैन्यकर्मी कठुआ में चड़वाल से सटे बीरू चक गांव में अपने ससुराल में तीन दिन बिता चुका था।

सैन्यकर्मी ने अपने गांव चक राम चंद में किसी की मौत के दसवें पर खाना भी परोसा। इतना ही नहीं, लॉकडाउन के बीच सैन्यकर्मी द्वारा सांबा की कुछ मंडियों, औद्योगिक क्षेत्र सिडको के श्रमिकों और विजयपुर में जरूरतमंदों को राशन वितरण की सूचनाओं से भी हड़कंप मच गया है।

प्रशासन ने अब इस सैन्यकर्मी के संपर्क में आने वालों को चिह्नित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। सीएमओ सांबा डॉ. राजिंदर सम्याल ने कहा कि सैन्यकर्मी होम क्वारंटीन था। गांव में पुलिस की उपलब्धता न होने के चलते यह व्यक्ति घर से बाहर जाता रहा। एसएसपी सांबा शक्ति पाठक ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव आए मरीज का गांव सील कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति विजयपुर भी गया था। इसके संपर्क में आने वालों को ट्रेस करने के लिए टीमें जुट गई हैं।