मोदी कैबिनेट 2.0 : अमित शाह को गृह, राजनाथ सिंह को रक्षा और निर्मला सीमतरमण को मिला वित्त मंत्रालय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों को उनके विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। इसके साथ ही मंत्रियों को मिलने वाले विभागों पर लगने वाली अटकलों पर विराम लग गया है। जैसा कि अटकलें थीं अमित शाह को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मोदी सरकार में अमित शाह को गृह मंत्री बनाया गया है। जबकि राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्रालय और निर्मला सीतरमण को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर को विदेश मंत्रालय और पीयूष गोयल रेल एवं वाणिज्य मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है।

अमित शाह (गृह मंत्री)- भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। शाह ने मोदी सरकार में गुरुवार को कैबिनेट मंत्री की शपथ ली। उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में राजनाथ सिंह के बाद दूसरे नंबर पर शपथ ग्रहण किया। शाह के बारे में चर्चा था कि उन्हें वित्त मंत्री बनाया जा सकता है लेकिन उन्हें गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।

राजनाथ सिंह (रक्षा मंत्री) – पीएम मोदी के शपथ लेने के बाद दूसरे नंबर पर राजनाथ सिंह को शपथ दिलाई गई। राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। गृह मंत्री रहते हुए राजनाथ ने कुछ अहम काम किए। राजनाथ से अपने कार्यकाल में एनआरसी पर अहम फैसला किया जो बांग्लादेशी घुसपैठियों से संबंधित था। इसके अलावा उत्तर पूर्व वाले राज्यों के युवाओं के लिए केंद्रीय सुरक्षाबल में भर्ती होने के लिए ऊंचाई की सीमा घटाई। इसके अलावा उनके कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर को छोड़कर देश के किसी भी हिस्से में अशांति की खबर नहीं आई। इसके साथ ही नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में भी बड़े पैमाने पर कमी आई।

निर्मला सीतारमन( वित्त मंत्री) – एनडीए पार्ट 1 में रक्षा मंत्री रहीं निर्मला सीतारमण पर पीएम मोदी ने एक बार फिर भरोसा जताया है। अगर उनते पिछले कार्यकाल की बात करें तो सेना में अपाचे को शामिल किया गया है। इसके साथ ही मिसाइल डिफेंस सिस्टम एस-400 पर भारत सरकार और रूस के बीच हुआ करार और पुख्ता हुआ। इसके अलावा राफेल डील पर विपक्ष जब मोदी सरकार पर हमलावर हुआ तो उन्होंनें संसद के अंदर और बाहर सरकार के पक्ष को दमदार तरीके से रखते हुए नजर आईं।

एस जयशंकर ( विदेश मंत्री)-एनडीए पार्ट-2 में शपथ ग्रहण के दौरान चौंकाने वाला नाम एस जयशंकर का था। एस जयशंकर की कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है।एनडीए पार्ट- 1 में वो भारत के विदेश सचिव बनाए गए। ऐसा कहा जाता है कि वैश्विक स्तर पर उन्होंने वो जमीन तैयार की जिसकी वजह से भारत की साथ बढ़ी। उनके कार्यकाल में भारत और अमेरिका के काफी करीब आए। इसके साथ ही रूस और चीन( डोकलाम विवाद को सुलझाने में सक्रिय प्रयास) के साथ ही संबंधों को पुख्ता करने में अहम भूमिका निभाई। कहा जाता है कि मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की जमीन वो पहले ही तैयार करा चुके थे।

पीयूष गोयल (रेल एवं वाणिज्य मंत्री)– एनडीए पार्ट-1 में पीयूष गोयल कोयला मंत्री के साथ साथ रेल मंत्री की भूमिका में नजर आए। कोयला मंत्री रहते हुए उन्होंने कोल ब्लॉक आवंटन में पारदर्शी भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल के दौरान कोल ब्लॉक को लेकर किसी तरह के घपले या घोटाले की खबर नहीं आई जिसके लिए यूपीए सरकार बदनाम हो गई थी। रेल मंत्री के रूप में रहते हुए उन्होंने ट्रेनों के परिचालन पर खास ध्यान दिया और इसके साथ ही वंदे भारत जैसी टी-19 ट्रेन भारतीय रेल के नेटवर्क में शामिल की गई। अरुण जेटली की खराब सेहत की वजह से उन्होंने अंतरिम बजट पेश किया जिसमें टैक्स पेयर, आयुष्मान भारत और किसानों के लिए खास घोषणा की।

कैबिनेट मंत्री और उनका प्रभार

अमित शाह (गृह मंत्री)

राजनाथ सिंह( रक्षा मंत्री)

निर्मला सीतारमण( वित्त मंत्री)

सुब्रहमण्यम जयशंकर( विदेश मंत्री)

नितिन गडकरी ( रोड, ट्रांसपोर्ट मंत्री)

डीवी सदानंद गौड़ा ( केमिकल और फर्टिलाइजर  मंत्री)

रामविलास पासवान ( कंज्यूमर अफेयर)

नरेंद्र सिंह तोमर (कृषि मंत्री)

रवि शंकर प्रसाद( लॉ जस्टिस, टेलीकॉम मंत्री)

हरसिमरत कौर बादल( फूड प्रॉसेसिंग मंत्री)

थावरचंद गहलोत(  सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्री)

रमेश पोखरियाल निशंक( मानव संसाधन विकास मंत्री)

अर्जुन मुंडा (ट्राइबल अफेयर्स)

स्मृति ईरानी (महिला एवं बाल विकास और कपड़ा)

डॉ. हर्षवर्धन ( स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री, अर्थ साइंस)

प्रकाश जावडेकर (पर्यावरण, वन मंत्री, सूचना और प्रसारण मंत्री)

पीयूष गोयल( रेल और वाणिज्य मंत्री)

धर्मेंद्र प्रधान( पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, स्टील मंत्रालय)

मुख्तार अब्बास नकवी( अल्पसंख्यक मंत्रालय)

प्रह्लाद जोशी( संसदीय कार्यंमंत्री, कोयला और खान)

महेंद्र नाथ पांडे( कौशल विकास मंत्री)

अरविंद सावंत(भारी उद्योग और पब्लिक इंटरप्राइज)

गिरिराज सिंह( एनिमल हस्बैंड्री, डेयरी और फिशरीज)

गजेंद्र सिंह शेखावत( जलशक्ति मंत्रालय)