सितंबर के पहले सप्ताह से शुरू हो सकता है संसद का मानसून सत्र, सोशल डिस्टेंसिंग का किया जाएगा पालन

संसद के मानसून सत्र अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के पहले सप्ताह से आयोजित करने की संभावना पर सरकार विचार कर रही है. सरकार कार्यवाही के दौरान सामाजिक दूरी के नियम का पालन करते हुए मानसून सत्र करने पर विचार कर रही है. फिलहाल संसद भवन में ही संसद का मानसून सत्र आयोजित करने का विचार है.

आम तौर पर संसद का मानसून सत्र जुलाई के दूसरे या तीसरे हफ्ते में शुरू होता है लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते सरकार मानसून सत्र अगस्त के अंतिम हफ्ते या सितंबर के पहले सप्ताह से शुरू करने पर विचार चल रहा है .

सरकारी सूत्रों के मुताबिक संसद के दो सत्रों के बीच 6 महीने से ज्यादा का वक्त नहीं होना चाहिए ऐसी सूरत में सरकार के पास सितंबर महीने के तीसरे हफ्ते तक मानसून सत्र शुरू करने का विकल्प खुला हुआ है क्योंकि संसद का आखिरी शीतकालीन सत्र मार्च महीने के तीसरे हफ्ते तक चला था.

सरकार के सूत्रों का मानना है सितंबर में कोरोना संक्रमण की स्थिति में कुछ सुधार हो सकता है और ऐसे हालात में संसद का सत्र सामाजिक दूरी के साथ, संसद सदस्यों की उपस्थिति में संसद भवन के भीतर किया जा सकता है.

लोकसभा की बैठक लोकसभा हॉल में ही आयोजित की जा सकती है. सदस्यों की बैठने के स्थान के अलावा दर्शक दीर्घा में भी संसद सदस्यों की बैठने की व्यवस्था के साथ सामाजिक दूरी के नियम के तहत की जा सकती है.

ठीक यही फॉर्मूला राज्यसभा में भी लागू किया जा सकता और वहां भी दर्शक दीर्घा में संसद सदस्यों के बैठने की व्यवस्था के साथ की जा सकती है.

सरकार के सूत्रों के मुताबिक लोकसभा और राज्यसभा की बैठक के लिए दर्शक दीर्घा की सीटों को अगर कार्यवाही के दौरान सदस्यों की बैठक व्यवस्था में शामिल किया जाता है तब फिर आम सत्रों की तुलना में दर्शकों को संसद की कार्यवाही देखने पर रोक लगा दी जाएगी.

सूत्रों के मुताबिक पत्रकार दीर्घा पहले की तरह ही पत्रकारों के लिए खुली रहेगी. सरकार इस पर आखिरी फैसला जुलाई के तीसरे हफ्ते में ले सकती है.