शरद पवार का साथ छोड़ फ‍िर कांग्रेसी हुए तारिक अनवर, कभी सोनिया को कहा था विदेशी

पूर्व राकांपा नेता तारिक अनवर ने राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और पार्टी में शामिल हो गए. कटिहार से सांसद अनवर ने हाल में पार्टी प्रमुख शरद पवार से मतभेदों के चलते राकांपा से इस्तीफा दे दिया था. बता दें कि तारिक अनवर (67) को 1999 में शरद पवार और पीए संगमा के साथ सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाने पर कांग्रेस से बाहर कर दिया गया था. अब उन्होंने एक बार फिर पार्टी का दामन थाम लिया.

दरअसल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के संस्थापक नेताओं में से एक और कटिहार से सांसद तारिक अनवर ने बीते माह पार्टी और लोकसभा से इस्तीफा दे दिया था. तारिक ने कहा था कि उन्होंने पार्टी प्रमुख शरद पवार द्वारा राफेल मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दिए जाने के बयान से असहमत होने के कारण यह कदम उठाया.

उन्होंने कहा था, “मैं राकांपा और यहां तक कि लोकसभा सदस्यता से भी इस्तीफा देता हूं, क्योंकि मैं राफेल सौदे में मोदी को समर्थन देने वाले शरद पवार के बयान से पूरी तरह असहमत हूं.”

उल्लेखनीय है कि शरद पवार ने एक टीवी साक्षात्कार में कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि लोग निजी स्तर पर इस मामले में मोदी की संलिप्तता के बारे में सोचते हैं, जिसपर पार्टी के महासचिव अनवर ने कहा, “प्रधानमंत्री पूरी तरह से राफेल सौदे में संलिप्त हैं.”

अनवर के इस्तीफे के बाद लोकसभा में राकांपा सांसदों की संख्या घटकर छह रह गई है. राज्यसभा के एक बार और कई बार लोकसभा के सदस्य रहे अनवर ने कहा था कि वह किसी भी पार्टी में शामिल होने से पहले अपने समर्थकों से बातचीत करेंगे.

उनके इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए राकांपा महासचिव प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि अनवर का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है और महसूस करते हैं कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के साथ वार्ता किए बिना जिस तरह से पार्टी छोड़ी, यह सही नहीं है.