सबरीमाला प्रदर्शनों के सिलसिले में 1400 लोग गिरफ्तार, 440 मामले दर्ज किए गए

सबरीमला के भगवान अयप्पा मंदिर में रजस्वला उम्र (10 से 50 वर्ष) की महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले करीब 1400 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. प्रदेश पुलिस प्रमुख लोकनाथ बेहरा ने गुरुवार को बताया कि ये गिरफ्तारियां पिछले दो दिनों में की गई हैं और उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद हिंसक घटनाओं के सिलसिले में 440 मामले दर्ज किए गए हैं.

केरल के राज्यपाल पी सदाशिवम ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से नई दिल्ली में मुलाकात की और उन्हें कानून व्यवस्था की स्थिति तथा न्यायालय के फैसले के बाद के घटनाक्रम से अवगत कराया.

पुलिस ने उन 200 से अधिक लोगों की तस्वीरें जारी की हैं जिनके पिछले हफ्ते विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने का संदेह है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि बुधवार को जिन व्यक्तियों की तस्वीरें जारी की गयीं, उनकी पहचान के लिए सभी जिलों में विशेष टीमें बनायी जाएंगी.

पतनमथिट्टा के जिला पुलिस प्रमुख टी नारायणन ने कहा कि 210 लोगों की सूची उनकी तस्वीरों के साथ विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षकों के पास पहचान के लिए भेजी गयी हैं. इन लोगों के प्रदर्शन में शामिल होने का संदेह है.

इस बीच ‘सन्निधानम’ (मंदिर परिसर) में सुरक्षा कड़ी करने के तहत 17 नवंबर से शुरू हो रहे तीन महीने के ‘मंडलम-मकरविल्लाकू’ सत्र के दौरान 500 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती का निर्णय लिया गया है.

पुलिस के प्रेस नोट के मुताबिक सन्निधानम, पांबा और निलक्कल में भी पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई जाएगी तथा और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. केरल के देवस्वओम मंत्री के सुरेंद्रन ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि रक्त बहाकर मंदिर को ‘अपवित्र’ करने के प्रदर्शनकारियों के प्रयास को पुलिस ने नाकाम कर दिया.

इस बीच केरल उच्च न्यायालय ने उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया जिसमें मांग की गई थी कि सबरीमला में भगवान अयप्पा के मंदिर में तब तक माहवारी की उम्र वाली महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगी रहनी चाहिए जब तक उनके लिए अतिरिक्त सुविधाएं शुरू नहीं हो जातीं. अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता उच्चतम न्यायालय जा सकते हैं.

मुख्य न्यायाधीश रिषीकेश रॉय और न्यायमूर्ति ए के जयशंकरन नांबियार की पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि सभी संवैधानिक संस्थाएं शीर्ष अदालत के निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य हैं.