सावधान! अभी और जहरीली होगी दिल्ली की हवा, सांस लेना होगा मुश्किल

दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘बहुत खराब’ स्तर से सुधरने के एक दिन बाद मंगलवार को ‘खराब’ श्रेणी में ही बना रहा. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सूबह 11 बजे शहर की हवा की गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 252 दर्ज किया. एक्यूआई का स्तर 0 से 50 के बीच ‘अच्छा’ माना जाता है. 51 से 100 के बीच यह ‘संतोषजनक’ स्तर पर होता है और 101 से 200 के बीच इसे ‘मध्यम’ श्रेणी में रखा जाता है.  हवा की गुणवत्ता का सूचकांक 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘अत्यंत गंभीर’ स्तर पर माना जाता है.

 

राष्ट्रीय राजधानी की आबोहवा में सोमवार को सुधार के संकेत दिखाई दिये थे और यह ‘बहुत खराब’ से ‘खराब’ की श्रेणी में आ गयी थी. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भलस्वा कूड़ा डलान स्थल में आग की वजह से निकलने वाले धुएं से यह स्तर और बिगड़ सकता है.

 

दिल्ली में बढ़ती पॉल्यूशन को लेकर पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने कहा है कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से दिल्ली ही नहीं पूरा उत्तर भारत रीजन गैस चैंबर में तब्दील हो रहा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की रोकथाम के लिए 83 पर्यावरण मार्शल नियुक्त किए हैं. 15 टीमें पर्यावरण इंजीनियरों की बनाई गई हैं जो मानकों का उल्लंघन करने वालों की निगरानी कर रही हैं.