102 शहरों की हवा साफ करने में मदद करेंगी 4 ग्लोबल एजेंसियां

दिल्ली की जहरीली हवा इन दिनों चर्चा का विषय है लेकिन शायद ही किसी को इस बात पर संदेह हो कि प्रदूषण अब देशव्यापी समस्या है। इसके त्वरित समाधान की जरूरत को समझते हुए भारत ने 4 वैश्विक एजैंसियों की मदद लेने का फैसला किया है। वातावरण शुद्धि में सहयोग करने वालों में वर्ल्ड बैंक और जर्मन डिवैल्पमैंट एजैंसी शामिल है जो भारत के 102 शहरों के प्रदूषण से निपटने की क्षमता को बढ़ाने के लिए काम करेंगी। अन्य 2 एजैंसियों में एशियन डिवैल्पमैंट बैंक और ब्लूमबर्ग फिलेन्थ्रॉपीज के नाम शामिल हैं।

ये एजैंसियां अलग-अलग भौगोलिक इलाकों में सरकार को प्रदूषण से लड़ने में मदद करेंगी। केंद्रीय पर्यावरण सैक्रेटरी सी.के. मिश्रा ने बताया कि इन चारों एजैंसियों के साथ एग्रीमैंट को अंतिम रूप दे दिया गया है। यह एजैंसियां तकनीकी सहयोग देंगी और राज्यों को उनके शहरों में क्षमता विकसित करने में मदद करेंगी। मिश्रा के मुताबिक हर एजैंसी को शहरों के साथ काम करने के लिए एक भौगोलिक इलाका तय करके दिया जाएगा।

दिल्ली में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक

दिल्ली की वायु गुणवत्ता शुक्रवार को गंभीर श्रेणी में बनी रही जबकि प्रदूषण के स्तर में धीमा लेकिन महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है। वहीं ‘आप’ सरकार ने आपात कदम के तौर पर भारी और मध्यम भार वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस बीच  इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मीटियोरोलॉजी (आई.आई.टी.एम.) ने कहा कि गुरुवार को पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के मामले इस साल अब तक के सर्वाधिक रिकार्ड किए गए और आग लगने की 2100 घटनाएं दर्ज की गईं। इससे राष्ट्रीय राजधानी में पहले से ही गंभीर बनी हुई हवा की गुणवत्ता और बिगड़ सकती है।