2019 में आरपीएफ ने 16,000 से ज्यादा बच्चों को रेलवे स्टेशनों और ट्रेन के डिब्बों से बचाया: अधिकारी

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 2019 में 16,457 बच्चों को देशभर से रेलवे स्टेशनों और ट्रेन के डब्बों से सकुशल बचाया। आरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि बचाए गए लड़के-लड़कियां में से ज्यादातर ऐसे हैं जो अपना घर छोड़कर कर भागे। इसके अलावा अपहृत, रेलों-स्टेशनों पर छोड़ दिए गए व मानव तस्करी का शिकार हुए बच्चे भी इनमें शामिल हैं। आरपीएफ ने बताया कि कुल 68 गिरफ्तार मानव तस्करों के चंगुल से 446 बच्चों को मुक्त कराया गया। आरपीएफ के महानिदेशक अरुण कुमार ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘ आरपीएफ जीवन बचाकर देश और मानवता की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’ उन्होंने बताया कि इन कुल बच्चों में 13,025 बच्चे अपने घरों से भागे हुए, 1,294 ट्रेनों या रेलवे स्टेशनों पर छोड़ दिये गये, 1,091 लापता चल रहे, 252 बेसहारा, 133 सड़कों पर रहने वाले, 108 मानसिक रूप से विक्षिप्त, 89 अपहृत बच्चे और 13 बच्चे ट्रेनों से गिरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों के अलावा आरपीएफ ने 490 लोगों को जानलेवा दुर्घटनाओं से बचाया जिनमें से 260 पुरुष और 235 महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान आरपीएफ के कर्मियों की जानें भी गईं।